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महिलाओं को सहानुभूति नहीं, हक चाहिए

पटना सिटी। महिला सशक्तीकरण की बात केवल भाषणों में ही किया जाता है, लेकिन घर में इसके विपरीत व्यवहार करते हैं। इससे पुरुष मानसिकता की सोच का पता चलता है। आज महिलाओं को हक चाहिए, न कि सहानुभूति। ये बातें अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ब्राइट कैरियर वेलफेयर सोसाइटी के बैनर तले अंतरज्योति बालिका विद्यालय में आयोजित सेमिनार में दृष्टिहीन बालिकाओं ने कही।

बालिकाओं ने नौकरी व सामाजिक सरोकार संबंधी कार्यो में अपनी भागीदारी की मांग की। सचवि मोनिका रानी ने संस्था की ओर से बालिकाओं को समाज की मुख्यधारा में लाने का हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया।

मौके पर बालिकाओं को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में नवल किशोर ठाकुर समेत प्राचार्या नंदा सहाय, राजश्री दयाल, नीलम कुमारी, ललित कुमार, योगेंद्र राय, साहिबा खातून, अविनाश व रूबी कुमारी ने भी विचार रखे, वहीं दूसरी ओर मेहंदीगंज में ह्यूमन हेल्पलाइन संस्था की ओर से महिला सशक्तीकरण पर विचार गोष्ठी हुई, जिसकी अध्यक्षता सचवि ब्रह्मदेव सिंह ने की। हाजीगंज स्थित टेंडर हार्ट्स इंटरनेशनल में महिला दिवस पर कार्यक्रम आयोजित कर किरण भाटिया को विद्यालय प्राचार्य का पदभार सौंपा गया।

मौके पर निदेशक रवि भार्गव सक्रिय रहे। वार्ड संख्या 67 के आंगनबाड़ी केंद्रों में अशिक्षित महिलाओं को शिक्षित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की बात कही गई।

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  • Web Title:महिलाओं को सहानुभूति नहीं, हक चाहिए