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राकांपा को बिहार में तलाशनी होगी जमीन

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो। राकांपा को बिहार में जमीन तलाशनी होगी। पार्टी के प्रदेश नेतृत्व में कोई कद्दावर नेता नहीं बचा है। प्रदेश इकाई भंग होने से संगठन लगभग ठप पड़ी है। अब लोकसभा चुनाव के बाद ही प्रदेश इकाई गठित हो पाएगी। एक वर्ष पूर्व कांग्रेस पार्टी छोड़कर नागमणि राकांपा में शामिल हुए थे। नागमणि मध्य बिहार के चर्चित नेता जगदेव प्रसाद के पुत्र हैं।

नागमणि के राकांपा में आने के बाद उम्मीद थी कि पार्टी अपना जनाधार बढ़ाएगी। लेकिन नागमणि के नेतृत्व में भी पार्टी कुछ नहीं कर सकी। पार्टी सिर्फ कार्यसमिति व प्रदेश संगठन की बैठक तक ही सीमित रही।

पार्टी किसी बड़े मुद्दे को लेकर सड़क पर नहीं उतरी। अब नागमणि को हटाकर मोहन अग्रवाल को प्रदेश की बागडोर दी गई है। लेकिन वे भी छाप नहीं छोड़ सके। पार्टी लोकसभा चुनाव में 3-4 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती थी, लेकिन यूपीए के गठबंधन में पार्टी को सिर्फ कटिहार सीट से ही संतोष करना पड़ा।

लोकसभा चुनाव में राकांपा में कोई भविष्य न देखकर नागमणि ने अलविदा कह दिया। अगर कटिहार सीट राकांपा की झोली में गई तो पार्टी में नई जान आएगी।

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