DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कांग्रेस ने मिलाया महानदल से ‘हाथ’

 एटा। वमिल शर्मा लोकसभा चुनाव का बिगुल बजते ही जोड़तोड़ की राजनीति तेज हो गई है। प्रदेश में कांग्रेस ने शनिवार को महान दल से हाथ मिला लिया। महानदल से गठबंधन होने के बाद यूपी की राजनीति के समीकरण एकदम बदल जायेंगे, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। यूपी में कांग्रेस के पास 22 लोकसभा सदस्य हैं। कांग्रेस की चिंता इस बात को लेकर थी कि इस लोकसभा चुनाव में सीटें न बढ़े तो कम से कम स्थिति यथावत बनी रहे।

यह देखते हुए कांग्रेस ने यूपी में महानदल से हाथ मिला लिया है। महान दल प्रमुख रूप से शाक्य समाज का माना जाता है। इस गठबंधन का लाभ महान दल को कितना मिलेगा यह तो नहीं कहा जा सकता, मगर इतना तय है कि कांग्रेस को इसका लाभ अवश्य मिलेगा। गठबंधन को लेकर महानदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. केशवदेव मौर्य और कांग्रेस के नेता कई दिनों से एक-दूसरे के संपर्क में थे। वार्ता के अंतिम पड़ाव में पहुंचने के बाद शनिवार को महान दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष की वार्ता दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान से हुई।

जिसमें महान दल और कांग्रेस के गठबंधन पर मुहर लग गई। डा. केशवदेव मौर्य के पुत्र चंद्रकृष्ण कुशवाह ने बताया कि कांग्रेस से उनका गठबंधन हो चुका है। जिसकी घोषणा शनिवार को नहीं तो रविवार को हो जाएगी। गठबंधन में महानदल को तीन सीटें मिली हैं। जिसमें एटा, नगीना और बदायूं लोकसभा सीट शामिल हैं। शाक्य समाज बेस वाले महानदल से कांग्रेस के हाथ मिलाने से यूपी में बीएसपी और भाजपा दोनों को नुकसान हो सकता है। कांग्रेस यूपी में जनाधार बढ़ाने को बेताब एटा।

कांग्रेस यूपी में जनाधार बढ़ाने को बेताब दिख रही है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ऐन-केन-प्रकारेण अधिक से अधिक सीटें जीतना चाहती है। ताकि एक बार पुन: केन्द्र में सरकार बना सके। 80 संसदीय सीट वाले यूपी में कांग्रेस ने रालोद से गठबंधन में आठ सीटों पर समझौता कर लिया है। पश्चिमी क्षेत्र कवर करने के बाद कांग्रेस ने अपना ध्यान मध्य उत्तर प्रदेश में केन्द्रित किया। जिसमें उन्होंने महान दल से हाथ मिलाना बेहतर समझा। शाक्य समाज बेस वाले महान दल से हाथ मिलाने से कांग्रेस को यूपी में बड़ा लाभ मिलेगा, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता।

महान दल का लाभ कांग्रेस को सबसे अधिक उन सीटों पर रहेगा, जिन सीटों पर संघर्ष की स्थिति में है, महान दल से पेक्ट होने के बाद उन सीटों पर कांग्रेस को अवश्य लाभ मिल सकता है। महान दल की वजह से रुकी थी कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची एटा। महानदल से गठबंधन होने के बाद रविवार को कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली सूची जारी होने की संभावना है। महान दल से गठबंधन की वार्ता चलने के कारण कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची रुकी हुई थी।

जिसका रास्ता अब साफ हो गया है। कांग्रेस के यूपी में जोन-2 के प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि महानदल से गठबंधन की बात फाइनल न हो पाने के कारण प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं की गई थी। यूं तो कांग्रेस की पहली सूची में एटा संसदीय क्षेत्र से यहां के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक शशिुपाल सिंह यादव का नाम तय था। अब महान दल प्रत्याशी तय करेगा। क्योंकि गठबंधन में एटा, नगीना और बदायूं लोकसभा सीट महान दल के खाते में हैं।

फिरोजाबाद से कांग्रेस के सांसद एवं फिल्म स्टार राजबब्बर इस बार फरीदाबाद से चुनाव लड़ेंगे। पहले वह गाजियाबाद से चुनाव लड़ने के इच्छुक थे, मगर वहां के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध किये जाने पर पार्टी ने उन्हें फरीदाबाद भेज दिया है। उनकी फिरोजाबाद सीट से कमलेश यादव कांग्रेस के प्रत्याशी होंगे। रामपुर से कांग्रेस ने पूर्व सांसद नूरबानो बेगम को लड़ाने का नशि्चय किया है। दीपक कुमार ने कहा अमर सिंह गौतमबुद्व नगर से चुनाव लड़ना चाहते हैं। विवादित होने के कारण कांग्रेस उन्हें सिंबल देना नहीं चाहती है।

हां इतना तय है कि कांग्रेस उनके सामने प्रत्याशी नहीं लड़ाएगी। फिल्म स्टार एवं सांसद जया प्रदा इस बार रामपुर से चुनाव नहीं लड़ेंगी। इस बार वह कांग्रेस की टिकट पर मुरादाबाद से चुनाव लड़ेंगी। मुरादाबाद से कांग्रेस के सांसद एवं पूर्व क्रिकेटर अजहरुद्दीन इस बार पश्चिम बंगाल की मुर्सीदाबाद संसदीय सीट से चुनाव लडेंम्गे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:कांग्रेस ने मिलाया महानदल से ‘हाथ’