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राजनीति में महिलाओं की प्रतिभागिता बढ़ानी होगी

लखनऊ। निज संवाददाता। देश के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए सभी को कंधे से कंधा मिला कर चलाना होगा। राजनीतिक स्थिति हो या फिर औद्योगिक, सबसे ज्यादा जिम्मेदार युवा और महिला ही नजर आते हैं। ऐसे में इनके मूल्यों पर ध्यान देने की जरूरत है। कुछ यही चर्चा शनिवार को गांधी भवन में एक सोंच फाउण्डेशन की ओर से आयोजित अन मैनिफेस्टो कार्यक्रम में हुई। वर्तमान समय में महिलाएं पुरुषों से हर क्षेत्र में ज्यादा कामयाब हो रही हैं। लेकिन आकड़ो को देखा जाए तो अभी भी इनका औसत पुरुषों से कम है।

हांलाकि नारियों के बढ़ते कदम को देखते हुए आरक्षण की बात की जा रही है। यदि राजनीतिक क्षेत्र की बात की जाए तो नेताओं में चंद महिलाए ही सामने आ रही हैं। आयोजन में शकुन्तला मिश्रा विकलांग कल्याण वशि्व विद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर रूपेश सिंह ने बताया महिलाओं को बराबरी का दर्जा दिलाने के लिए आरक्षण को बढ़ाना होगा। समाज में जिसकी जितनी हिस्सेदारी होगी उतनी उसकी भागीदारी होगी। वहीं सनतकदा की हामिदा ने कहा कि महिलाओं को सरकारी, गैर सरकारी एवं राजनीति में कम से कम 33 प्रतिशत आरक्षण अवश्य मिलना चाहिए।

महिलाओं को 40 प्रतिशत आरक्षण पुलिस और सेना में भी मिलना चाहिए। इसके अलावा डा. हिमांशु शेखर ने महिलाओं के विकास के लिए उनके मूल्यों को ध्यान देने की बात कही। साथ ही दस्तक मंच की वीना ने बताया कि महिला हिंसा के मामलों में निरंतर वृद्धि हो रही है। ऐसे में हम महिलाओं को ही अपनी सुरक्षा के प्रति सचेत रहना होगा। महिलाएं भी इस देश की नागरिक हैं जिन्हें समान अधिकार और सुविधाएं मिलनी चाहिए। इस मौके पर सभी विशेषज्ञ और युवाओं का मानना था कि युवाओं की राजनैतिक प्रक्रिया में सहभागतिा को सुनशि्चित कराना होगा।

युवाओं एवं महिलाओं की मांगों को राजनीतिक पार्टियों के घोषणा पत्र में प्राथमिकता से शामिल करने से ही देश की स्थिति में सुधार हो सकता है। इशारों में बयां किया महिलाओं का संघर्षनारी आज तो सफलता के शिखर पर पहुंच गई है लेकिन अतीत को देखा जाए तो उसे केवल संघर्ष ही करना पड़ा है। महिलाओं की लड़ाई में समाज मूक बना रहा है। आयोजन में बीबीडी के छात्र-छात्राओं ने महिलाओं के अतीत पर एक मूक अभिनय भी किया। चाहे वह महाभारत की द्रौपदी व्यथा हो या फिर घरेलू महिलाओं की पीड़ा।

अभिनय में सती प्रथा से लेकर निर्भया कांड तक के सफर को हावभाव से बखूबी दिखाया।

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