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मरीजों की जान पर भारी न पड़ जाए ये लापरवाही

देहरादून। वरिष्ठ संवाददाता। दून के सरकारी अस्पतालों में बिना जांच पड़ताल के दवाइयां बांटकर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। हालत यह है कि मरीज दवाई खाने के बाद उसके एक्सपायरी होने की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। दून अस्पताल में तीन मार्च को एक मरीज को एक्सपायरी दवाई दिए जाने का मामला सामने आने के बाद सरकारी अस्पतालों में दवा वितरण की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गये हैं।

फर्म से अस्पतालों को आने वाली दवाइयों को बिना जांचे ही मरीजों को बांटा जा रहा है। ऐसा सिर्फ दून अस्पताल में ही नहीं, बल्कि राजधानी के सभी सरकारी अस्पतालों और हेल्थ पोस्टों में हो रहा है। सरकारी अस्पतालों में बड़ी संख्या में गरीब तबके के लोग आते हैं। इन लोगों को दवाई की एक्सपायरी डेट के बारे में जानकारी नहीं होती। यदि ऐसी ही लापरवाही दवा वितरण में बनी रही तो इससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है।

सीएमओ डॉ. गुरुपाल सिंह का कहना है कि सभी अस्पतालों में मरीजों को दवाई जांच के बाद ही दी जानी चाहिए। सभी अस्पतालों को इस संदर्भ में निर्देश दिये जा रहे हैं। कर्मचारियों को नोटिस जारी तीन मार्च को एक मरीज को एक्पायरी दवाइयां देने के बाद अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस असवाल ने दवा वितरण केंद्र के कर्मचारियों को नोटिस जारी किये हैं। डॉ. आरएस असवाल ने बताया कि अस्पताल में बंट रही सभी दवाइयों को जांच के बाद ही मरीजों को दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि तीन मार्च के मामले में दवा निर्माता कंपनी ने चालाकी से बाहर और अंदर अलग-अलग मैन्यूफैक्चरिंग डेट दर्ज की थी, इससे कर्मचारियों को एक्पायरी दवा का पता नहीं चल पाया।

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