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खूबसूरती का रंग नहीं होता

मैक्सिको सिटी में पैदा हुई लुपिटा नियांगो ने वर्ष 2008 में ईस्ट रिवर नाम की एक लघु फिल्म से करियर की शुरुआत की। 2009 में उन्होंने केन्याई टीवी सीरीज में काम किया। इस साल हॉलीवुड फिल्म 12 ईयर्स अ स्लेव  में बेहतरीन अदाकारी के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सह-अभिनेत्री के खिताब से नवाजा गया। पेश हैं ऑस्कर पाने के बाद एक कार्यक्रम में दिए गए उनके भाषण के अंश: 

मेरी प्रेरणा
आज इस समारोह में तमाम मशहूर हस्तियां मौजूद हैं। खासकर वे महिलाएं, जो मेरी प्रेरणा रही हैं। आज उन्हें यहां अपने सामने देखकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। मैं इन सब की फिल्में और उनके अभिनय को देखकर बड़ी हुई हूं। सबसे पहले मुझे यहां बुलाने और यह सम्मान देने के लिए शुक्रिया। मैंने जल्दी-जल्दी में इस भाषण को लिखा है, पर दोबारा इसे पढ़ने और दोहराने का मौका नहीं मिला। अब मैं आपके सामने इसे पढ़ंगी। उम्मीद करती हूं कि मैं आसानी से आप सबके सामने अपनी बात कह पाऊंगी।

लड़की का खत
आज इस मौके पर मैं आपसे ब्लैक ब्यूटी पर चर्चा करना चाहती हूं। कुछ दिनों पहले एक बच्ची ने मुझे खत लिखा था। खत कुछ  इस प्रकार था- ‘प्रिय लुपिटा, तुम बहुत किस्मत वाली हो। तुम अश्वेत हो, यानी तुम्हारा रंग काला है, फिर भी तुम हॉलीवुड में छा गई हो। वाकई तुम भाग्यशाली हो कि अश्वेत होने के बावजूद तुम्हें इतनी शोहरत और सफलता मिली। मैं त्वचा को गोरा बनाने वाली क्रीम खरीदने ही वाली थी कि तुम सिल्वर स्क्रीन पर आ गई। तुमने मुझे बचा लिया।’ वह लड़की भी मेरी तरह अश्वेत थी और उसे लगता था कि काले रंग वाली लड़कियों को फिल्मों में सफलता नहीं मिल सकती। उसका खत पढ़कर मैं भावुक हो गई। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी सफलता इस कदर महिलाओं पर छाप छोड़ेगी। मुझे पहली बार एहसास हुआ कि एक अश्वेत लड़की का हॉलीवुड में दखल तमाम महिलाओं में उम्मीद की किरण जगा सकता है। यह आम धारणा है कि गोरे रंग के लोग ही फिल्मी दुनिया में जगह पा सकते हैं। पर अब यह धारणा खत्म होगी।

गोरे रंग का कमाल
मुझे याद हैं बचपन के वे दिन। उन दिनों, जब टीवी कार्यक्रमों और फिल्मों में गोरे रंग के कलाकार ही छाए रहते थे। जब भी मैं घर पर टीवी खोलती, तो स्क्रीन पर गोरे कलाकार नजर आते। उन कार्यक्रमों में मुझ जैसी कोई अश्वेत लड़की नहीं होती थी। बहुत बुरा लगता था। खुद को कोसती थी और सोचती थी कि मैं कितनी बदसूरत हूं। काश! मैं भी उनकी तरह गोरी होती। टीवी ऑन करते ही ऐसा लगता था कि जैसे कि गोरे रंग के लोग मुझे चिढ़ा रहे हैं। मुझे अपनी काली त्वचा पर गुस्सा आता था, दुख होता था। पर मैं बेबस थी। 

मेरी प्रार्थना
उन दिनों मेरी एक ही ख्वाहिश थी कि किसी तरह मैं गोरी बन जाऊं। मैंने सुना था, ईश्वर बहुत बड़ा जादूगर है। वह चाहे, तो रातोंरात सब कुछ बदल सकता है। मैं रोज भगवान से विनती करती थी, प्लीज, मुझे गोरी कर दो। रोज रात को प्रार्थना करके सोती कि कल सुबह जब मैं जगूं, तो मेरी त्वचा का रंग हल्का-सा गोरा हो, ताकि मैं कुछ बेहतर दिखने लगूं। मैं रोज सुबह उठकर आईना देखती थी इस उम्मीद के साथ कि शायद आज मेरा काला रंग थोड़ा-सा हल्का हो गया हो। मैंने भगवान से मन्नतें मांगी कि अगर मेरा रंग गोरा हो गया, तो मैं रात में शुगर क्यूब चुराना बंद कर दूंगी। मैंने यह वायदा भी किया था कि अगर मैं गोरी हो गई, तो मैं अपनी मम्मी की सारी बातें मानूंगी और उन्हें तंग नहीं करूंगी। लेकिन, ईश्वर पर मेरी बातों का कोई असर नहीं हुआ। हर सुबह मैं आईना देखती और अपनी काली त्वचा देखकर बुरी तरह निराश हो जाती।

अश्वेत मॉडल
जैसे-जैसे मैं बड़ी होती गई, त्वचा के रंग को लेकर मेरी बेचैनी बढ़ती गई। जब मैं किशोरावस्था में थी, तब मैं खुद से नफरत करने लगी। मुझे अपना काला रंग बिल्कुल पसंद नहीं था। मेरी मां समझातीं और कहती थीं कि लुपिटा, तुम सुंदर हो। पर इससे मुझे राहत नहीं मिलती थी। मुझे लगता था कि वह मेरी मां हैं, इसलिए मैं उन्हें सुंदर लगती हूं। तभी उन दिनों एलेकवेक नाम की मॉडल सुर्खियों में आईं। वह भी मेरी तरह अश्वेत थीं। सब तरफ उनकी चर्चा हो रही थी। लोग उनकी तारीफ कर रहे थे। मशहूर टीवी एंकर ओपरा विन्फ्रे ने भी उस अश्वेत मॉडल को बहुत सुंदर बताया था। शुरुआत में तो मुझे भरोसा नहीं हुआ कि एक अश्वेत लड़की भी सफल मॉडल बन सकती है।

नई उम्मीद
मुझे हमेशा लगता था कि मेरा रंग मेरी विफलता का सबसे बड़ा कारण है। लेकिन अब मेरे अंदर उम्मीद जगने लगी थी। मुझे लगने लगा था कि लोग अब मुझे पसंद कर रहे हैं। अश्वेत होना मेरी कमजोरी नहीं है। लेकिन कहीं न कहीं मेरे अंदर अब भी यह एहसास गहरा था कि गोरे लोगों को ज्यादा सुंदर माना जाता है। तब मेरी मां ने समझाया कि सुंदरता व्यक्ति की त्वचा में नहीं, बल्कि उसके व्यवहार में झलकनी चाहिए। सुंदरता का मतलब है कि हम जैसे हैं, वैसे रहें और खुद पर भरोसा रखें।

सच्ची सुंदरता
सच्ची सुंदरता का मतलब है खुद के लिए अच्छी भावना और उन दूसरों के लिए भी, जो आपके आसपास हों। सच्ची सुंदरता वह है, जो दिल और आत्मा को सुकून दे। मैं उम्मीद करती हूं कि स्क्रीन और मैगजीन के कवर पर मेरी मौजूदगी आपको ऐसा ही सुकून देगी। शायद मेरी मौजूदगी आपको सुंदरता के सही मायने समझने में मदद करे। शायद आप समझ पाएं कि सुंदरता वह नहीं, जो बाहर से दिखती है, बल्कि सुंदरता एक एहसास है, जो इंसान के अंदर होता है। सुंदरता का कोई रंग नहीं, सुंदरता काली या गोरी नहीं होती। सुंदरता का मतलब होता है- खूबसूरत एहसास और  खूबसूरत भावनाएं।
प्रस्तुति: मीना त्रिवेदी

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