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हादसे का शिकार हुए मलेशियाई विमान में थे पांच भारतीय

हादसे का शिकार हुए मलेशियाई विमान में थे पांच भारतीय

239 यात्रियों के साथ लापता बीजिंग जा रहा मलेशियाई एयरलाइंस का एक विमान आज वियतनाम के दक्षिणी फू क्यूओक द्वीप पर दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद समुद्र में जा गिरा। विमान में पांच भारतीय नागरिक भी सवार थे।
   
वियतनामी मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि 227 यात्रियों और चालक दल के 12 सदस्यों के साथ बोइंग 777-200 उड़ान एमएच 370 विमान थो छू द्वीप से 250 कलोमीटर दूर हादसे का शिकार हो गया। वियतनामी समाचारपत्र त्यूओई त्रे ने रीयर एड़मिरल और वियतनाम के पांचवें नौसेना क्षेत्र के राजनीतिक कमिश्नर नेगो वान फात के हवाले से यह जानकारी दी।
   
एयरलाइंस द्वारा जारी यात्रियों की नयी सूची में बताया गया है कि विमान में सवार 239 यात्रियों में पांच भारतीय भी हैं। पूर्व में जारी की गयी इस सूची में भारतीय नागरिकों का जिक्र नहीं था। एड़मिरल ने बताया कि घटना के समय उस इलाके में वियतनामी नौसेना की कोई नौका नहीं थी, इसलिए हमें फू क्यूओक से नौकाओं को बचाव कार्य के लिए तैयार रहने को कहना पड़ा।
   
रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि एड़मिरल को हादसे के बारे में सूचना कैसे मिली, न ही यह पता चल सका है कि हादसे का शिकार हुए विमान के मलबे का पता लगा लिया गया है नहीं। इस रिपोर्ट की मलेशियाई प्रशासन की ओर से पुष्टि नहीं हुई है।
   
शिन्हुआ संवाद समिति ने कहा है कि चीनी मीडिया रिपोर्ट दे रहा है कि विमान संभवत: दक्षिणी चीन सागर में जाकर गिरा। एयरलाइंस द्वारा जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि विमान ने स्थानीय समय के अनुसार तड़के 12 बजकर 41 मिनट पर उड़ान भरी थी और वह करीब दो घंटे बाद दो बजकर 40 मिनट पर कुआलालम्पुर के समीप सुबांग हवाई यातायात नियंत्रण कक्ष से संपर्क खो बैठा।
   
एयरलाइंस द्वारा जारी यात्रियों की ताजा सूची में भारतीयों समेत 14 देशों के नागरिकों के सवार होने की बात कही गयी है। कुआलालम्पुर से बीजिंग के लिए उड़ान भरने वाला यह विमान दक्षिणी चीन सागर के उपर किसी स्थान से रात में लापता हो गया।
   
मलेशियाई एयरलाइंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जौहारी याहया ने पहले बताया था कि एयरलाइंस इस समय आपात सेवाओं और प्रशासन के साथ काम पर ध्यान दे रही है और सभी संसाधन लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त होने वाले विमान को उड़ा रहे कैप्टन जाहिरी अहमद शाह को 18365 घंटे की उड़ान का अनुभव था और उन्होंने 1981 में एयरलाइंस में कामकाज शुरू किया था।
   
विमान में सवार यात्रियों में 152 चीनी, 38 मलेशियाई, पांच भारतीय, सात इंडोनेशियाई, छह ऑस्ट्रेलियाई, तीन फ्रांसीसी, एक नवजात शिशु समेत चार अमेरिकी, दो न्यूजीलैंड नागरिक, दो यूक्रेनी, दो कनाडाई तथा रूस, इटली, ताइवान, नीदरलैंड और ऑस्ट्रिया का एक एक नागरिक शामिल था।
   
जौहारी ने बताया कि मलेशियाई एयरलाइंस इस समय प्रशासन के साथ मिलकर बचाव कार्य में जुटी है, जिसने विमान का पता लगाने के लिए अपने खोजबीन और राहत दस्ते को सक्रिय कर दिया है।

जौहरी ने कहा कि हमारी टीम इस समय यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के परिजनों को फोन कर रही है। बीजिंग में इस हादसे को लेकर अफरातफरी का माहौल है जहां विमान को सुबह साढ़े छह बजे उतरना था। 152 चीनी यात्रियों के रिश्तेदार और परिजन हवाई अड्डा तथा मलेशियाई एयरलाइंस के कार्यालय में जुटना शुरू हो गए हैं, जहां वे अपने परिजनों की जानकारी पाने को लेकर बेहाल हैं।
   
यात्रियों के संबंध में चीन से जारी एक सूचना ऑनलाइन उपलब्ध है और इसे स्टार ऑनलाइन ने भी प्रकाशित किया है। इसमें विमान में सवार भारतीय यात्रियों के नाम और उनके पासपोर्ट नंबर दिए गए हैं। भारतीयों में चेतना कोलेकार, स्वानंद कोलेकार, सुरेश कोलेकार, चंद्रिका शर्मा और प्रहलाद श्रेष्ठा शामिल हैं। भारतीय मूल के कनाडाई नागरिक मुक्तेश मुखर्जी भी विमान में सवार थे।
   
मलेशियाई प्रशासन लगातार कह रहा है कि व्यापक खोजबीन तथा बचाव अभियान चलाया गया है तथा अभी तक मलबे का पता नहीं लगाया जा सका है। बताया जाता है कि हादसे के समय विमान 36 हजार फुट की उंचाई पर उड़ रहा था।
   
न्यू स्ट्रेटस टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि मलेशियाई मैरीटाइम इनफोर्समेंट एजेंसी, रायल मलेशियाई नेवी और रायल मलेशियाई एयरफोर्स को इलाके में खोजबीन अभियान तथा बचाव कार्य के लिए आज सुबह ही लगा दिया गया। इस बीच, दो चीनी नौवहन बचाव पोत बचाव कार्य में मदद के लिए दक्षिणी चीन सागर रवाना हो गए हैं।

मलेशियाई प्रधानमंत्री नजीब रजाक ने संबंधित प्रशासन को लापता विमान की पहचान के तत्काल उपाय करने को कहा है। मलेशियाई रक्षा मंत्री हिशामुद्दीन हुसैन ने कहा कि उन्होंने रॉयल मलेशियन एयरफोर्स समेत सभी संबंधित एजेंसियों को विमान का पता लगाने में एकजुट होकर काम करने को कहा है।
   
हादसे का शिकार हुए विमान को 2002 में सेवा में लिया गया था। मलेशिया के पास 777-200 श्रृंखला के 15 विमान हैं। इससे पूर्व, नियंत्रण अभियान के उपाध्यक्ष फौद शारूजी ने कहा कि एयरलाइंस उस समय आसमान में उड़ रहे अपने पांच विमानों के संपर्क में है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उन्हें लापता विमान से किसी प्रकार का कोई संदेश मिला था, लेकिन सभी का जवाब नकारात्मक रहा है।
   
फौद ने बताया कि एयरलांइस ने समीप के देशों के कई एटीएस से भी संपर्क किया है। विमान की चाइना साउदर्न एयरलाइन के साथ कोई साझेदारी थी। जिस समय विमान ने वियतनामी हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया, तब वह अनियंत्रित हो गया।

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