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भारतीय रेलवे में शुरू हो चुका है महिला सशक्तीकरण दौर

जमशेदपुर अरविन्द सिंह। भारतीय रेलवे में रेल चालक, गार्ड और स्टेशन मास्टर जैसे पदों पर पुरुषों का वर्चस्व माना जाता रहा है। पर पिछले कुछ वर्षो से महिलाओं ने इस मिथक को तोड़ा है। वे इन पदों पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। टाटानगर रेलवे स्टेशन पर महिला सशक्तीकरण के ऐसे कई उदाहरण मौजूद हैं।

यहां इलेक्ट्रिक लोको ट्रेनिंग सेंटर में फिलहाल 14 महिलाएं लोको पायलट (ट्रेन चालक) का प्रशिक्षण ले रही हैं। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद ये हावड़ा-मुंबई रेलमार्ग पर लोको पायलट की भूमिका निभाएंगी। यहां टाटानगर लॉबी में सहायक चालक के पद पर सताक्षी सिन्हा तैनात हैं। 10 महिला ट्रेन चालक हैं चक्रधरपुर मंडल में चक्रधपुर मंडल रेल मुख्यालय में करीब 10 महिला ट्रेन चालक हैं, जो फिलहाल चालकों की बुकिंग का काम करती हैं। इससे पहले रेणु जायसवाल टाटानगर में यात्री ट्रेन चलाती थीं।

वह अभी इलाहाबाद स्टेशन पर तैनात हैं। तीन महिला स्टेशन मास्टर भी हैं टाटानगर में टाटानगर में तीन महिलाएं मृणली मांझी, एम डे और आर कुमारी स्टेशन मास्टर पद पर तैनात हैं। ये सभी यहां आने वाली ट्रेनों को प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने, ट्रैफिक कंट्रोल करने और ट्रेन परिचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाती हैं। 16 हजार चालकों में पांच प्रतिशत महिलाएंऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के सचवि पारस कुमार के अनुसार मार्च 2013 में साढ़े 16 हजार ट्रेन चालक बहाल हुए थे।

इसमें पांच प्रतिशत महिलाओं का चयन हुआ है। ये महिलाएं आज विभिन्न ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण ले रही हैं। मुंबई की सुरेखा यादव तो एसोसिएशन के कार्यक्रम में भी शामिल होती हैं। रेलवे में महिला सशक्तीकरण की बानगी सुरेखा यादव को भारत की पहली महिला मेल-एक्सप्रेस ट्रेन की चालक होने को गौरव प्राप्त है। फिलहाल वह मुंबई में तैनात हैंरेणु जायसवाल ने वर्ष 2010 में टाटानगर से बतौर लोको पायलट अपनी नौकरी शुरू की थी। अभी वह इलाहाबाद में हैं सताक्षी सिन्हा टाटानगर की ट्रेन चालक लॉबी में तैनात हैंमधुमिता सिन्हा, अंजनी कुमारी और गीता कुमारी धनबाद से स्वर्णरेखा एक्सप्रेस लेकर टाटानगर आती हैंमहिला लोको पायलट राउरकेला से पैसेंजर ट्रेन लेकर चक्रधरपुर आती हैंशीला रानी होरो डांगुवापोसी में लोको पायलट की भूमिका निभा रही हैं कोटदक्षिण-पूर्व और ईस्ट-कोस्ट रेलवे जोन से भेजी गई 14 महिलाएं टाटानगर में लोको पायलट का प्रशिक्षण ले रही हैं।

वर्ष 2013 में भी कई महिलाएं प्रशिक्षण लेकर विभिन्न रेलवे जोन में गईं और आज अन्य स्टेशनों पर लोको पायलट की भूमिका सफलता से निभा रही हैं। अमूल्यो कुमार पुष्टि, प्रिंसिपल, इलेक्ट्रिक लोको ट्रेनिंग सेंटरफोटो शविम 3 और 4 : टाटानगर इलेक्ट्रिक लोको शेड में लोको पायलट का प्रशिक्षण लेतीं महिला प्रशिक्षु।

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