अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मुख्यमंत्री आवास योजना : आधी हकीकत आधा फसाना

बदनीयत मुलाजिमों के हाथों का खिलौना बनी स्कीम :मुख्यमंत्री आवास योजना जिले के बाढ़ पीड़ितों के लिए आधी हकीकत-आधा फसाना साबित हो रही है। जांच दर जांच में खुल रही परतों ने सरकारी व्यवस्था की पोल खोल दी है।ड्ढr बाढ़ में अपना सबकुछ लुटा चुका गरीब बेबस होकर मुख्यमंत्री की नेक नीयती को बदनीयत मुलाजिमों के हाथों खिलौना बना देख रहे हैं। कुछ जुझारू व्यक्ित खुलेआम हो रही इस नाइंसाफी से डीएम से लेकर सीएम को अपनी आवाज सुना चुके हैं,लेकिन परिणाम फिर जांच पर आकर टिक जाता है।ड्ढr ड्ढr आंकड़े स्वयं में विरोधाभासी हैं। वर्ष 2007-08 की बाढ़ के संबंध में 8 अगस्त 2007 की अंतिम रिपोर्ट कहती है कि बाढ़ में 452 पक्के मकान पूर्णत: तथा 1246 आंशिक, 6643 कच्चे मकान पूर्णत: और 4270 आंशिक रूप से क्ष्तिग्रस्त हुए। इसके अलावा 2410झोपड़ियां पूरी तरह तबाह हो गई। इस तरह 36720 मकानों को बाढ़ से प्रभावित बताया गया। मुख्यमंत्री आवास योजना की घोषणा होते ही आंकड़ेबाजी का दौर शुरू हो गया। अंतत: 4400 कच्चे मकान तथा 13103 झोपड़ियों सहित कुल 17503 क्षतिग्रस्त भवनों की रिपोर्ट बनी लेकिन स्वीकृति मिली 288च्चे मकान और 11331 झोपड़ी सहित कुल 14200 क्षतिग्रस्त मकानों की ।ड्ढr ड्ढr सदर प्रखंड के सभी लाभुकों के खाते में राशि डाल दी गई है, जबकि अलौली, मानसी , चौथम और बेलदौर में काम की गति काफी धीमी है। लोजपा विधायक पशुपति कुमार पारस ने मुख्यमंत्री से आवास योजना में कमीशनखोरी की शिकायत की है। हालांकि कोई भी प्रख्ांड भेदभाव और नाम हटा देने की शिकायत से अछूता नहीं है। जिलाधिकारी यू.एन. ठाकुर बताते है कि लगभग 2500 मकान पूर्ण होने के करीब है। 6800 स्थल पर काम चल रहा है । राशि लेकर काम शुरू नहीं करने के कारण बेलदौर में एक लाभार्थी पर प्राथमिकी दर्ज हुई। इधर लोगों का कहना है कि ईंट सरकारी दर पर नहीं मिल रही है। सीतामढ़ी जिले में कहीं भी आवास का निर्माण पूरा नहींविजय कुमार वर्मा सीतामढ़ी पिछले साल बाढ़ से ध्वस्त घरों के परिवारों को बरसात से पहले मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत छत नसीब होना मुश्किल है। क्योंकि अब तक इस योजना के तहत जिले में कही भी चयनित लाभार्थियों का आवास निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। इधर शुरुआत की तेज बारिश से ही नदियां उफनाने लगी और गांव में बाढ़ से बचाव की तैयारी शुरू हो गयी। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय से जारी रिपोर्ट के अनुसार जून के प्रथम सप्ताह में मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए स्वीकृत 18840 के विरुद्ध 13212 लाभुकों का खाता खोलकर उनमें पैसा जमाकर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इसके तहत उक्त समय तक करीब 3261 लाभुकों के मकान निर्माण के लिए ईंट गिरायी जा चुकी है। जबकि 323 मकान नींव स्तर तक एवं 58 लिंटर स्तर तक बन गए हैं। इस गति से बरसात पूर्व मकान निर्माण होना टेढ़ी खीर है। हालांकि गत दिनों सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने कार्यों में तेजी लाने का निर्देश अधिकारियों को दिया।ड्ढr साथ ही कहा कि कई जगह से सूची मिलने में विलंब होने से योजना के कार्यान्वयन में समस्याएं आयी।ड्ढr ड्ढr जानकारी के अनुसार जिले के रून्नीसैदपुर एवं बेलसंड प्रख्ांडों में अनुश्रवण समिति के सदस्यों में आपस में वैमनस्यता के कारण सूची मिलने में देरी हुई। वहीं बैरगनिया एवं परिहार प्रखंडों में जिले से प्रतिनियुक्त पंचायत पर्यवेक्षकों पर अनुश्रवण समिति के सदस्यों द्वारा मारपीट व जोर जबरदस्ती के कारण कुछ पंचायतों की सूची विलंब से प्राप्त हुई। इसके अलावा शुरू में कुछ बैंक की शाखाओं द्वारा लाभार्थियों के खाता खोलने में अपेक्षित सहयोग नहीं किया जा रहा था। जिस कारण खाता खोलने में विलंब हुआ। जबकि कुछ बैंक की शाखाएं कोर बैंकिंग से जुड़ गयी है जहां पर खाता खोलने में परशानी हो रही है। हालांकि, जिलाधिकारी ने कहा है कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी वास्तविक लाभार्थी इस योजना के लाभ से वंचित न हो।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: मुख्यमंत्री आवास योजना : आधी हकीकत आधा फसाना