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चुनाव के दौरान शराब की खपत पर आयोग की नजर

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो। लोकसभा चुनाव के दौरान सूबे में शराब माफियों पर नकेल कसने को लेकर निर्वाचन कार्यालय ने पूरी तैयारी कर ली है। शराब बांट कर वोट हासिल करने का प्रयास शराब माफियों व नेताओं के लिए महंगा साबित होगा। निर्वाचन कार्यालय ने चुनाव के दौरान शराब की खपत का आकलन करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अजय बी नायक ने सभी जिलों के डीएम व एसपी को हिदायत दी है कि वे शराब की खपत पर नजर रखें।

साथ ही, प्रतिदिन होने वाली शराब की बिक्री की रिपोर्ट राज्य निर्वाचन कार्यालय को करें। राज्य के अपर निर्वाचन पदाधिकारी आर. लक्ष्मणन ने बताया कि जिलों से शराब की खपत की रिपोर्ट का मिलान पिछले साल के इसी महीने में होने वाली खपत से किया जाएगा। मार्च से लेकर मई तक छह चरणों में होने वाले चुनाव के दौरान शराब की खपत पर निर्वाचन विभाग के द्वारा आकलन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शराब की खपत के आधार पर ही उन जिलों में कार्रवाई की रणनीति तय की जाएगी।

संवेदनशील रहे हैं कई जिले बिहार में शराब की खपत को लेकर भोजपुर, गया, छपरा, पटना, मुजफ्फरपुर सहित अन्य जिले बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। इन जिलों में पूर्व में अवैध शराब की बिक्री के कारण मौत के कई मामले सामने आ चुके हैं। नविार्चन कार्यालय ने जिलों के एसपी को शराब की अवैध बिक्री वाले क्षेत्रों में जांच व छापेमारी करने का निर्देश दिया है, ताकि वहां आम लोगों को किसी षड्यंत्र का शिकार नहीं होना पड़े।

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