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कुंवर आसिफ अली कॉलेज में धरा गया फर्जी कक्ष निरीक्षक

लखनऊ। कार्यालय संवाददाता। यूपी बोर्ड की भौतिक विज्ञान की परीक्षा में शुक्रवार को मलहिाबाद के कुंवर आसिफ अली इंटर कॉलेज में एक फर्जी कक्ष निरीक्षक को पकड़ा गया। यह विद्यालय की ओर से कक्ष निरीक्षक डय़ूटी के लिए जारी एक फर्जी पहचान पत्र के सहारे परीक्षा केन्द्र में टहल रहा था।

वहीं, एक अन्य मामले में आलमबाग के एक कॉलेज में अर्थशास्त्र की परीक्षा के दौरान एक विषय का शिक्षक भी पकड़ा गया है। सचल दस्ते की जांच में हुए इन खुलासों की सूचना जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को दी गई है। यूपी बोर्ड में शुक्रवार को हाईस्कूल की संगीत और इंटरमीडिएट में अर्थशास्त्र (द्वितीय), वाणिज्य भूगोल (द्वितीय), भौतिक विज्ञान (प्रथम) और व्यापारिक संगठन एवं पत्र व्यवहार (प्रथम) की परीक्षा आयोजित की गई। वहीं राजधानी के यूपी बोर्ड परीक्षा केन्द्रों पर चल रहे नकल के कारोबार का खुलासा होने लगा है।

परीक्षाओं के पहले ही दिन से माल और मलहिाबाद के केन्द्रों से लगातार नकल की शिकायतें सामने आ रही थी। वहीं, शुक्रवार को दूसरी पाली में कठिन विषय भौतिक विज्ञान (प्रथम) की परीक्षा होने के कारण नकल माफियाओं के सक्रिय होने की संभावनाओं के चलते सचल दस्ते ने इस क्षेत्र के केन्द्रों पर छापेमारी की। दोपहर तीन बजे राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल देवकी सिंह की टीम मलहिाबाद के कुंवर आसिफ अली इंटर कॉलेज में पहुंच गई। सचल दस्ते ने केन्द्र में एक कक्ष निरीक्षक को टहतले हुए पाया।

इससे की गई पूछताछ में इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जांच में कक्ष निरीक्षक का पहचान पत्र ही फर्जी पाया गया। इसे विद्यालय की ओर से जारी किया गया था, जिसमें जिला विद्यालय निरीक्षक के हस्ताक्षर ही नहीं थे। इतना ही नहीं, इस सहायक अध्यापक गौरव गुप्ता के पहचान पत्र में इसे भौतिक विज्ञान से परास्नातक बताया गया । नियमत: जिस विषय की परीक्षा है उसमें उसी विषय का शिक्षक डय़ूटी ही नहीं कर सकता। डीआईओएस पीसी यादव ने बताया कि कक्ष निरीक्षक का फर्जी पहचान पत्र के सहारे ड्यूटी कराना गलत है।

इस पूरे मामले में विद्यालय से जवाब तलब किया जा रहा है। कार्रवाई की जाएगी। उधर, आलमबाग इंटर कॉलेज में पहली पाली में अर्थशास्त्र की परीक्षा में एक कक्ष निरीक्षक को पकड़ा गया। आदर्श भारतीय विद्यालय का सहायक शिक्षक अनिल कुमार शर्मा खुद अर्थशास्त्र से परास्नातक है। अर्थशास्त्र की परीक्षा में ही डय़ूटी करने के कारण उसपर कार्रवाई की जा रही है। बयानकक्ष निरीक्षक का फर्जी पहचान पत्र के सहारे ड्यूटी कराना गलत है। इस पूरे मामले में विद्यालय से जवाब तलब किया जा रहा है।

कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पीसी यादव, डीआईओएस कक्ष निरीक्षकों पर है नकल की जिम्मेदारराजधानी के परीक्षा केन्द्रों पर नकल का यह खेल सिर्फ कक्ष निरीक्षकों के ही जिम्मे चल रहा है। जानकारों की मानें तो, परीक्षा के दौरान गाइड या फिर पर्ची से नकल अब पुरानी हो चली है। पूरा का पूरा परीक्षा केन्द्र खरीदा और बेंचा जा रहा है। परीक्षा में विषय के शिक्षक को ही कक्ष निरीक्षक बनाकर बोल-बोलकर नकल कराई जाती है।

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