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दस माह में ही उजड़ गया गुंजन का सिंदूर

छबिरामऊ। हिन्दुस्तान संवाद।  लालकपुर गांव में शार्टसर्किट होने से लगी आग में झुलस कर युवक घायल हो गया था। इलाज के दौरान उसकी कानपुर में मौत हो गई। देर शाम शव आते ही घर में कोहराम मच गया। युवक की मौत पर पत्नी वेसुध हो गई। कोतवाली इलाके के गांव लालकपुर के रहने वाले रतनलाल जाटव का बेटा राजीव कुमार की शादी 5 मई 2013 को कानपुर जिले के बिल्हौर थाना के गांव धौंरारा के रहने वाले भगवानदीन जाटव की बेटी गुंजन के साथ हुई थी।

शादी के बाद राजीव गांव में ही बने अपने दूसरे मकान में पत्नी के साथ रह रहा था। बुधवार की रात राजीव घर में टीवी देख रहा था। तभी शार्टसर्किट होने से उठी चिंगारी से घर में आग लग गई। इसमें राजीव झुलस गया था। परिजनों ने इलाज के लिए सीएसी में भर्ती कराया था। हालत गम्भीर होने पर उसे कानपुर के उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना वाली रात पत्नी गुजंन मायके गयी हुई थी। हादसे की खबर पाकर वह ससुराल आ गई थी।

शुक्रवार की दोपहर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। देर शाम शव के गांव आते ही घर में कोहराम मच गया। राजीव की असमय मौत से यहां मौजूद लोग तरह-तरह की चर्चाएं करते रहे। इस दौरान लोगों के मुख से निकल ही गया कि यह विधाता का बनाया विधान है कि गुंजन अपने सुहाग को 10 माह तक भी सहज कर न रख सकी। शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने के लिए ग्रामीणों का देर रात तक तांता लगा रहा।

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