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गड्ढों में भरा पानी, खतर में जिंदगानी

राजधानी की सड़कों विकास की इबारत लिखने के लिए खोदे गये गड्ढों में पानी भरते ही लोगों की जिंदगानी खतर में पड़ गई है। अगर कुछ दिनों तक लगातार बारिश हुई तो सड़कों पर मौत का ग्राफ बढ़ना तय है। पिछले वर्ष जब शहर की सड़कों पर ऐसे हालात नहीं थे तब भी दो-तीन जगहों पर डूबने की घटनाएं हुई थी। इस बार तो गड्ढ़े विनाशकारी रूप धारण कर चुके हैं। एकाध जगहों को छोड़ पानी में छिपे घातक गड्ढ़ों के बीच कोई निशान भी नहीं है जिससे राहगीरों को सामने मौजूद खतर का पता चले। शनिवार को मूसलाधार बारिश के बीच इसी सच्चाई पर उस समय मुहर लगी जब निर्माणाधीन बुद्ध मार्ग में अदालतगंज मोड़ के समीप एक टेम्पो पलटने से उस पर सवार तीन व्यक्ित घायल हो गये।ड्ढr ड्ढr पहले से ही मुंह बाये ‘मौत के कुएं’ को देख चुके लोग या चालक रास्ते में हिचकोले खाने पर भी घबरा जाते हैं। सड़क पर चौबीसो घंटे मंडराने वाला यह खतरा किसको लील लेगा, कहना मुश्किल है। चौड़ीकरण व अन्य कार्यो के कारण खोदे गये गड्ढ़ों के कारण पिछले तीन महीने में आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यह स्थिति तब थी जब एकाध जगहों को छोड़ कर कहीं भी पानी नहीं लगा था। बहरहाल आम लोगों की बात कौन कहे खुद पुलिस भी इस अंजान खतर से सहमी हुई है। कई अधिकारियों ने बताया कि उनके इलाके में सड़कों पर खोदे गये गड्ढ़े और मिट्टी के कारण पैदल चलना भी मुश्किल है। इधर मुख्य रास्तों के अलावा शाखा सड़कों पर पहले से ही खुले मेनहोल भी खतरनाक हैं।ड्ढr ड्ढr रेल पटरियों पर पानीेड्ढr पटना (हि.प्र.)। पूर्व मध्य रल के सबसे बड़े स्टेशन पटना जंक्शन का हाल शनिवार की बारिश ने खराब कर दिया। एक नंबर समेत अन्य प्लेटफॉर्म की पटरियों के स्लीपर पानी में डूब गए थे। हालांकि इससे परिचालन प्रभावित नहीं हुआ, पर पानी निकासी की व्यवस्था की पोल खुल गई। परिचालन विभाग के अधिकारी ने बताया कि पानी निकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया तो तेज बारिश में पटरियां डूब सकती हैं, जिससे सिग्नल फेल होने की प्रबल आशंका रहती है। जंक्शन के मुख्य द्वार व कार पार्किंग के आस-पास पानी जमा हो गया था। पार्सल घर व बुकिंग काउंटर के पास तो घुटने भर पानी लग गया था। इससे यात्रियों को आने-ााने में काफी परशानी हो रही थी।ड्ढr ड्ढr पूरी रात बरसा पानीड्ढr पटना (का.सं.)। राजधानी शनिवार को मानसून की बारिश में जमकर नहायी। दिन में जहां रिमझिम बारिश हुई वहीं देर रात मूसलाधार बारिश होने से जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त रहा। दिनभर आसमान से बारिश की बूंदे कभी टप-टप तो कभी बदर-बदर बरसीं। शहर में मानसून ब्रक करने के बाद शनिवार को सबसे अधिक बारिश हुई। सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे के बीच 66.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी है। वहीं शुक्रवार की रात से शनिवार की सुबह तक लगभग 7.6 मिलीमीटर बारिश हुई। इस तरह शुक्रवार की रात से शनिवार की शाम तक लगभग 74 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विज्ञान केन्द्र के निदेशक डा.टीएन झा के मुताबिक दो दिनों तक मौसम का यही हाल रहेगा। इसके बाद आसमान साफ होने के आसार हैं। उनकी मुताबिक पंजाब से चली टर्फ लाइन फिलहाल यूपी, झारखंड व बिहार से होकर गुजर रही है। साथ ही बंगाल की खाड़ी से आ रही हवा के साथ भारी मात्रा में नमी आ रही है। इसी वजह से राजधानी सहित पूर सूबे में मानसून की जोरदार बारिश हो रही है। हालांकि डा. झा का कहना है कि फिलहाल सामान्य बारिश होने की ही संभावना है। रविवार को भी आसमान के बादलों से घिर रहने व एक से दो दफे हल्की से तेज बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार की देर रात से ही बारिश की शुरुआत हो गयी जो शनिवार की सुबह तक चली। फिर सुबह 11.30 के बाद से लगातार बारिश होते रही। सिल्ट नहीं हटाने पर सड़क पर उतर लोगड्ढr पटना (हि.प्र.)। नाले से निकाले गये सिल्ट को नहीं हटाने के खिलाफ लोग शनिवार को सड़क पर उतर। स्टेडियम के निकट सैदपुर नाले से निकले सिल्ट को नहीं हटाये जाने से आक्रोशित लोगों ने सड़क पर टायर जलाकर अपना विरोध प्रकट किया। स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले एक महीने से सड़क पर ही सिल्ट पड़ा है। बारिश होने से सिल्ट सड़क पर फैल गया है। इससे निकलने वाले दरुगध से आसपास के घरों में रहना मुश्किल हो गया है। उधर मंदिरी, बाकरगंज, सरपेंटाईन, पटेल नगर, योगीपुर व आनंदपुरी नाले समेत अन्य नालों से निकले सिल्ट को भी अब तक पूरी तरह से नहीं हटाया गया है। शनिवार को हुई बारिश की पानी के साथ बहकर 50 फीसदी सिल्ट दोबारा नाले में गिर गये हैं। कंकड़बाग के भूतनाथ रोड और सेंट्रल स्कूल के पास सिल्ट सड़क पर ही पड़ा है। निगम प्रशासन के मुताबिक नाला उड़ाही करने के तुरंत बाद सिल्ट इस लिए नहीं हटाई गई थी क्यों वह गिली थी। नगर आयुक्त-मेयर ने लिया जायजाड्ढr पटना (हि.प्र.)। नगर आयुक्त मिहिर कुमार सिंह व मेयर संजय कुमार ने शनिवार को विभिन्न मुहल्लों का दौरा किया। नगर आयुक्त ने कंकड़बाग व बांकीपुर अंचल क्षेत्र का और मेयर ने वार्ड नं. 38 का जायजा लिया। नगर आयुक्त व मेयर ने दावा किया कि शहर में कहीं भी जलजमाव की स्थिति नहीं है। बहादुरपुर हाउसिंग कॉलानी सेक्टर-6 के एचआईाी और एलआईाी के निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त से स्थानीय लोगों ने नाले का पानी फैलने की शिकायत की। उन्होंने एनबीसीसी के अधिकारी को तत्काल मेन चैनल खोलने का निर्देश दिया। नगर आयुक्त ने बताया कि वोल्टेा कम रहने रहने के कारण राजेन्द्रनगर संप हाउस को नहीं चलाया गया। वर्तमान में 330 वोल्ट ही मिल रहा है जबकि संप को चलाने के लिए 400 वोल्ट चाहिए। पेसू के जीएम ने रविवार तक स्थिति में सुधार करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि अगर एक दिन में सौ एमएल बारिश हुई तो संप नहीं चलने पर जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। भूतनाथ रोड में पुल निर्माण निगम द्वारा पुल बनाया जा रहा है। इसके कारण थोड़ी परशानी हुई है। कल तक मेन चैनल में पानी छोड़ दिया जायेगा। कल्वट भी ह्यूम पाइप का है जिसे आरसीसी करने की जरूरत है। पहाड़ी संप के पास न्यू बाइपास पर कल्वट बनाने का काम एक-दो दिनों में शुरू हो जायेगा। उधर मेयर ने कदमकुआं, जनक किशोर रोड व समादार पथ का भ्रमण किया। मेयर के साथ पार्षद पूनम वर्मा, डा. आशीष कुमार सिन्हा, प्रमोद कुमार सिन्हा व सैयद इरफान अहमद भी थे।ं

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