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विकलांग कानून बनने के बाद भी नहीं मिला अधिकार

बस्ती। िनज संवाददाता।  विकलांग जन अिधिनयम पािरत हुए 20 वर्ष बीत चुके हैं। परन्तु चिन्ता के विषय है कि अभी तक विकलांग महिलाओं की िस्थित समाज में अित दयनीय है। उन्हें समाज में समान अवसर और अधिकार अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं। उक्त बातें वशि्व महिला िदवस की पूर्व संध्या पर आयोजित विचार गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में विकलांगता विशेषज्ञ अमरेश चन्द्रा ने कही। वह िरहैब प्लस डे केयर सेन्टर सुर्ती हट्टा में बोल रहे थे।

श्री चन्द्रा ने कहा कि विकलांग महिलाओं को समान अवसर एवं अधिकार िदलाने में स्वयंसेवी संस्थाओं तथा सरकार को साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहिए। गोष्ठी की संयोजक तथा राजा लक्ष्मेश्वर सिंह स्मृित विद्यालय की निदेशक नीलम मिश्रा ने कहा कि विकलांग महिलाओं को शिक्षा और व्यवसाियक प्रशिक्षण देकर समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जा सकता है। महिला िदवस की पूर्व संध्या पर आयोजित गोष्ठी में विशेष अध्यािपका अनीता गौड़, मालावती, पुष्पा, सुशीला, श्रद्धा ने महिलाओं के प्रित अपने विचार रखें।

गोष्ठी का समापन करते हुए विकलांगता विशेषज्ञ गोपीनाथ सोनी ने कहा कि बिना महिलाओं को साथ लिए कोई भी कार्यक्रम अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकता। इस अवसर पर पूजा, अनुराधा सिंह, रीता, कृष्णावती, कीिर्त श्रीवास्तव, कविता सिंह, शालू श्रीवास्तव, लक्ष्मी देवी, अंजू व अन्य मौजूद रहे।

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