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भारत बनेगा बड़ी लड़ाकू ताकत

भारतीय वायु सेना ने अपने लड़ाकू एवं परिवहन विमानों तथा हल्के से लेकर लड़ाकू हेलीकाप्टरों तक के बेड़े को मजबूती देने की खातिर अगले दस साल के लिए एक कार्य योजना तय की है। वायु भवन के सूत्रों के अनुसार इस कार्य योजना के तहत अगले एक दशक में 450 से अधिक लड़ाकू विमान और विभिन्न श्रेणियों के 225 से अधिक हेलीकाप्टर खरीदे जाऐंगे तथा एएन 32 से लेकर आईएल 76 परिवहन विमानों के बेड़े की वैमानिकी प्रणालियों को एकदम नया रूप दिया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि लड़ाकू विमानों के बेड़े में इस तरह तीन प्रमुख विमान होंगे जिनमें 126 लड़ाकू विमानों की खरीद के अलावा सुखोई 30 एमकेआई और हल्के लड़ाकू विमानों की प्रमुख भूमिका होगी। इस दौरान अधिकांश मिग विमानों को चरणबद्ध ढंग से सेवा से बाहर कर दिया जाएगा या अपग्रेड कर दिया जाएगा। सूत्रों ने कहा कि 43 हजार करोड़ रूपए की लागत से 126 विमानों की खेप में से पहली आपूर्ति 2012 से शुरू हो जाएगी। इसके अलावा सुखोई-30 एमकेआई को शामिल करने की प्रक्रिया को तेजी से लागू करते हुए कुल मिलाकर 230 सुखोई विमान वायु सेना की सेवा में आ जाएंगे। वायु सेना ने अपने हल्के लड़ाकू विमान(एलसीए) तेजस पर भी बड़ा दांव लगाया है और दो स्क्व्रेडनों के 2010 में सेवा में आने की सम्भावना है। एलसीए के 40 सुखोई विमान अगले दो साल में रूस से सीधे खरीदे जाएंगे जबकि देश में ही 13 सुखोई विमान हर साल तैयार किए जा रहे हैं। एलसीए के छह स्क्व्रेडन 2017 से वायु सेना में आने लगेंगे। सूत्रों ने बताया कि कार्य योजना के हिसाब से 12 पंच-वर्षीय योजना में वायु सेना के पास लड़ाकू विमानों के करीब 3व्रेडन हो जाएंगे जो अधिकृत संख्या के काफी करीब हैं। हेलीकाप्टरों के मोर्चे पर 125 हल्के हेलीकाप्टरों तथा 22 हमलावर हेलीकाप्टरों की खरीदारी की जा रही है। इसके अलावा 3- 5 टन और 12-15 टन वजन उठाने में सक्षम हेलीकाप्टर खरीदने का प्रस्ताव है। हमलावर हेलीकाप्टरों के लिए दिग्गज कम्पनियों को प्रस्ताव भेजने का अनुरोध भेजा गया है जिनमें बेल का एएच(1), सुपर कोबरा, बोइंग का एएच 64 डी अपाशे, अगुस्टा वेस्टलैंड का एडब्ल्यू 12मंगुस्टा, यूरोकाप्टर का टाइगर, रूस का कामोव केए 50 ब्लैक शार्क और मी 2बी हैवोक शामिल हैं। परिवहन विमानों में एएन 32 और आईएल 76 को अपग्रेड करने की योजना तय की गई है। इस दौरान अवाक्स प्रणाली से लैस तीन आईएल 76 भी वायु सेना में आ चुके होंगे। अमरीका से खरीदे गए छह 130 जे सुपर हक्यरूलिस परिवहन विमानों के बेड़े को अतिरिक्त मजबूती देंगे। इस कार्ययोजना के साथ ही देशभर में संसाधनों के समुचित बंटवारे की योजना भी लागू की जाएगी जिसमें पश्चिमी और पूर्वी मोर्चे के अलावा दक्षिण की आेर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।ड्ढr

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