DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सेबी पहुंचे मारुति के शेयर धारक

सेबी पहुंचे मारुति के शेयर धारक

गुजरात में सुजुकी मोटर कारपोरेशन के पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई के लिए मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआईएल) के साथ किए गए करार के विरोध में मारुति सुजुकी में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और सात बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनियां पूंजी बाजार नियामक (सेबी) का दरवाजा खटखटाने जा रही हैं।

मारुति सुजुकी में एलआईसी सबसे बड़ी शेयरधारक है। कंपनी में एलआईसी की 6.93 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ऐसे में सुजुकी द्वारा गुजरात में अलग संयंत्र लगाए जाने के मामले में एलआईसी की राय अहम मानी जा रही है।

एलआईसी और म्यूचुअल फंड कंपनियों का मानना है कि सुजुकी का अलग संयंत्र लगाने का फैसला एमएसआईएल में कम हिस्सेदारी रखन वाले शेयरधारकों के लिए नुकसानदेह साबित होगा क्योंकि आगे से एमएसआईएल को अपना मुनाफा मार्जिन सुजुकी के साथ बांटना पड़ेगा जिसका सीधा असर शेयर धारकों पर पडे़गा।

शेयर धारक कंपनियों ने इस मामले में एमएसआईएल प्रबंधन को भी पत्र लिखा है। हालांकि इस बीच एमएसआईएल के अध्यक्ष आरसी भार्गव ने इस पर कहा कि एलआईसी ने सुजुकी की स्वंतंत्र इकाई को लेकर विरोध नहीं किया है, बल्कि इसे लेकर उसने करार का ब्योरा भर मांगा है। चूंकी एलआईसी की कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी है इसलिए उसे करार के बारे में जानने का पूरा अधिकार है। एमएसआईएल उसे सभी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराएगी।

एमएसआईएल में हिस्सेदारी रखने वाली सात म्यूचुअल फंड कंपनियों में एक्सिस, डीएसपी ब्लैक, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रुंडेशियल, रिलांयस म्यूचुअल, एसबीआई म्यूचुअल और यूटीआई शामिल हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सेबी पहुंचे मारुति के शेयर धारक