DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आईपीएल मामले पर सुनवाई 25 मार्च तक टली

आईपीएल मामले पर सुनवाई 25 मार्च तक टली

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण में भ्रष्टाचार और फिक्सिंग मामले की जांच रिपोर्ट पर सुनवाई 25 मार्च तक के लिए टाल दी।
      
आईपीएल-छह में भ्रष्टाचार मामले पर तीन सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी। न्यायाधीय मुकुल मुद्गल की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय जांच समिति ने 10 फरवरी को 170 पेजों की रिपोर्ट अदालत में दायर की थी जिसपर आज सुनवाई होनी थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस सील बंद रिपोर्ट पर सुनवाई 25 मार्च तक के लिए टाल दी है। 
       
इस बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में अपील कर कहा था कि उन खिलाड़ियों के नामों का खुलासा न किया जाये जिनके नाम रिपोर्ट में शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो मुद्गल समिति की इस जांच रिपोर्ट में छह नामी क्रिकेटरों के नाम शामिल हैं जो कथिततौर पर आईपीएल छह के दौरान स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी में संलिप्त थे।

बीसीसीआई ने इस जांच रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा था कि इस रिपोर्ट में बिना किसी आधार के कई नामी क्रिकेटरों पर आरोप लगाए गए हैं तथा सुप्रीम कोर्ट इन क्रिकेटरों की छवि को किसी नुकसान से बचाने के लिए इनके नामों को सार्वजनिक न करें। 
       
गौरतलब है कि आईपीएल टीम चेन्नई सुपर किंग्स के टीम प्रिंसिपल गुरूनाथ मेईयप्पन को कथिततौर पर सट्टेबाजी और मैच संबंधी जानकारी लीक करने का आरोपी माना गया था जबकि राजस्थान रॉयल्स के सह मालिक राज कुंद्रा को भी आरोपी बनाया गया था।  
       
गत जुलाई बीसीसीआई ने दो पूर्व न्यायाधीशों टीम जयराम चाऊटा और आर बालासुव्रमण्यम की अध्यक्षता में जांच दल का गठन किया था। लेकिन इस दल ने गुरूनाथ और कुंद्रा को क्लीन चिट दे दी थी। हालांकि बाद में गठित तीन सदस्यीय मुद्गल समिति ने माना कि कुंद्रा और गुरूनाथ को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) और बीसीसीआई की अपराध शाखा ने पूरी तरह से जांच नहीं की जबकि चेन्नई पुलिस के पास इन्हें लेकर कुछ जानकारी पहले से उपलब्ध थी। 
          
माना जा रहा है मुद्गल समिति की इस रिपोर्ट का चेन्नई और राजस्थान पर गहरा असर हो सकता है। यदि दोनों टीमों से जुड़े ये अधिकारी भ्रष्टाचार के आरोपों में दोषी पाये जाते हैं तो आईपीएल की संचालक मंडल के संविधान के अनुसार इन टीमों को प्रतिबंधित भी किया जा सकता है। हालांकि मामले की अगली सुनवाई पर ही स्थिति साफ हो पायेगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:आईपीएल मामले पर सुनवाई 25 मार्च तक टली