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आठवीं तक कोई फेल नहीं नीति पर विधानसभा में चिंता

सरकारी स्कूलों में आठवीं कक्षा तक छात्रों को अनुत्तीर्ण नहीं करने की नीति पर शुक्रवार को पंजाब विधानसभा में विभिन्न दलों के सदस्यों ने चिंता जताई।

राज्य विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के विधायक गुरकीरत सिंह ने यह मुद्दा उठाया। सिंह ने शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका से जानना चाहा कि क्या इस योजना से बीच में ही पढ़ाई छोड़ देने वाले छात्रों की संख्या बढ़ेगी और क्या राज्य में इस योजना के कारण शिक्षा के स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

राज्य सरकार की वर्तमान नीति के अनुसार, आठवीं कक्षा तक के किसी भी छात्र को अनुत्तीर्ण नहीं किया जाता है। सदन के नेता और मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने भी कहा कि स्कूलों को आठवीं कक्षा तक छात्रों के टेस्ट लेते रहना चाहिए।

बादल ने सदन को आश्वस्त किया कि लोकसभा चुनाव संपन्न होने के बाद राज्य सरकार यह निर्णय करेगी कि आठवीं कक्षा तक छात्रों की परीक्षाएं ली जानी चाहिए या नहीं।

पूर्व शिक्षा मंत्री तथा शिरोमणि अकाली दल के विधायक तोता सिंह ने बताया कि इस योजना के कारण नौ वीं कक्षा तक पहुंचने तक कई छात्रों को गिनती भी पता नहीं होती। सिंह ने कहा शिक्षा राज्य का विषय है और आठवीं कक्षा तक छात्रों को अनुत्तीर्ण न करने पर रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार होगा।

विधानसभा अध्यक्ष चरणजीत सिंह अटवाल ने विधानसभा में कहा कि किसी भी छात्र को आठवीं कक्षा में पहुंचते तक अनुत्तीर्ण न करना केंद्र की नीति है।

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