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वो देखो आ गया सचल दस्ता...

हिन्दुस्तान संवाद अलीगढ़। दो तीन का समूह गांव के बाहर और कुछ लोग गेट पर। कोई दूर तक निगाह गड़ाए किसी के आने की राह देखता तो कोई हल्की सी आहट को सुनने के लिए कुर्सी लगाए बैठा। हर किसी के पास एक जिम्मेदारी और सभी उनमें पूरी तन्मयता से जुटे हुए। तभी फोन की घंटी घनघनाती है। बाहर से अंदर तक एक आवाज गूंज जाती है।

वो देखो आ गया सचल दस्ता.., अंदर का पूरा माहौल बदल जाता है। वो लोग जो बैठे हैं, सब के सब गायब। बच्चों अपनी कॉपियों में लिखने लगते हैं और परीक्षक बकायदा अपनी मूछों को ताव देकर घूमना शुरू कर देते हैं। जैसे यहां की व्यवस्था सभी जगहों से अच्छी हो। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की गुरुवार को गणित और गृह विज्ञान की परीक्षाएं सुबह की पाली में थीं। गृह विज्ञान तो खर फिर भी थोड़ा हल्का था, लेकिन गणित एक ऐसा विषय, जिसमें एक लापरवाही किसी को भी फेल कराने के लिए काफी होती है।

पिछले दो महीने से उन्होंने ऐसे ही कठिन विषयों में पास कराने के नाम पर चांदी काटी थी। छात्रों से दो से ढाई हजार रुपये लिए हुए थे। तो उन्हें अपना काम बखूबी करना ही था। इसके लिए कमाई में से पुलिस, प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी हिस्सा बांट दिया गया है। नकल माफिया ने एक-एक केन्द्र पर नकल के लिए दर्जनों की संख्या मेंआदमी लगाए हुए थे। हर किसी को अपने-अपने काम सौंप दिए गए। किसी को बोल कर प्रश्नों के उत्तर लिखवाने हैं, तो किसी को ब्लैक बोर्ड पर लिखकर सॉल्व कराना है तो कोई किसी की जगह बैठकर उनके पेपर को सॉल्व कर रहा है।

गुरुवार को गणित के पेपर में प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से थोड़ी कड़ाई बरती गई। सचल दस्ते परीक्षा शुरू होने के बाद से ही केन्द्रों पर पहुंचने लगे। लेकिन जब माफियाओं की सक्रियता उनसे ज्यादा है तो भला दस्ते भी किसी को कैसे नुकसान पहुंचा सकते हैं। हुआ भी वही। परीक्षा शुरू होने के बाद नकल माफियाओं ने धड़ल्ले से नकल करानी शुरू की। केन्द्र के अंदर हलचल सी मची हुई थी। लेकिन बाहर खड़े लोगों ने अंदर तक सचल दस्ते के पहुंचने पहले आगाह कर दिया।

मिनट भी नहीं लगा कि अंदर का माहौल बदल दिया गया। छात्र परीक्षा देने में और परीक्षक कक्ष में घूमने लगे। सूचना देने वाले भी दूसरे कामों में ऐसे जुट गए। प्रशानिक तैयारियां रहीं पूरी तरह फेलप्रशासन ने बोर्ड परीक्षा की सुचिता बनाने पर ध्यान केन्द्रित किया था। व्यवस्था में किसी प्रकार की कोई कमी न रहे। इसलिए जिले को 34 सेक्टरों में बांटकर सेक्टर मजिस्ट्रेट सहित सुपर जोनल व जोनल मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी। इसके साथ ही शिक्षा विभाग की ओर से गठित छह सचल दस्ते परीक्षा के दौरान लगातार गतशिील रहे।

सभी का काम परीक्षा को नकल वहिीन परीक्षा संपन्न कराना था। लेकिन नकल माफियाओं की तैयारियों ने सभी के हौसले पस्त कर रखे हैं। नकल भी जमकर हो रही है और कोई भी अधिकारी किसी प्रकार की अव्यवस्था पकड़ नहीं पा रहा है। इतना ही नहीं कई केन्द्रों पर तो अधिकारी परीक्षा शुरू होने से आज तक पुहंचे भी नहीं हैं।

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