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संजय कपूर का नाम आते ही दिल्ली दौड़े कांग्रेसी

 पीलीभीत। वरिष्ठ संवाददाता। लोकसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। तारीखें घोषित हो चुकी हैं। प्रचार और जनसम्पर्क का काम तेजी से हो रहा है। इस बीच कांग्रेस में स्थानीय और बाहरी का घमासान और तेज हो गया है। वाद विवाद और धड़ेबाजी एक बार फिर खुलकर समाने आ गई है।

संजय कपूर के पीलीभीत- बहेड़ी लोकसभा क्षेत्र से नाम सामने आते ही नेताओं की दिल्ली की दौड़ शुरू हो गई है। रूठने और मनाने का दौर भी तेजी से चल रहा है। बात राहुल गांधी तक पहुंच चुकी है और अंतिम निर्णय उनके ऊपर छोड़ दिया गया है। रामपुर के बिलासपुर से मौजूदा कांग्रेस विधायक संजय कपूर का नाम पीलीभीत से सामने आया है। जैसे ही यह खबर स्थानीय नेताओं को लगी वे दिल्ली की ओर भाग पड़े। उनका कहना है कि हम लगातार इस बात को लेकर लड़ते आ रहे हैं कि हमें स्थानीय प्रत्याशी ही चाहिए।

अब हमारी पार्टी अगर बाहर के प्रत्याशी को मैदान में उतरेगी तो यह ठीक नहीं होगा। वहीं संजय कपूर का कहना है कि उनके नाम की बात लगभग तय हो चुकी है। बस औपचारिक घोषणा होनी बाकी है। यानी उनका चुनाव लड़ना लगभग तय है। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार गुप्ता कहते हैं कि पीलीभीत से चुनाव लड़ने के लिए करीब 20 प्रत्याशियों के नाम शार्टलिस्ट किए गए थे। इनमें से संजय कपूर का नाम तय हो गया है। एक से दो दिन में उनके नाम की घोषणा हो जाएगी।

उधर पूर्व मंत्री विनोद तिवारी ने इसका खुलकर विरोध करना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि हम इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे कि कोई बाहर का आदमी आकर यहां से चुनाव लड़े। मैं इस वक्त दिल्ली में हूं और कोशशि कर रहा हूं कि पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात हो जाए। मैं जानना चाहता हूं कि उन्होंने किसी बाहरी व्यक्ति को पार्टी से टिकट देने की हरी झंडी क्यों दे दी है। उन्होंने चेतावनी के लहजे में कहा कि अगर संजय कपूर को प्रत्याशी घोषित किया जाता है और वह हार जाते हैं तो हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी कार्यकर्ताओं की बात सुनेंगे और हमारी बात पर गौर जरूर करेंगे। कौन हैं संजय कपूरसंजय कपूर फिलवक्त रामपुर की बिलासपुर सीट से विधायक हैं। वे दो बार विधायक रह चुके हैं। इसके साथ ही अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचवि भी हैं। साथ ही यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी के आफिस के सह इंचार्ज भी हैं। साथ ही सोनिया गांधी और राहुल गांधी के करीबी भी माने जाते हैं। उनकी उम्र करीब 48 वर्ष है।

मुझे टिकट मिल रहा है। बात करीब-करीब तय हो गई है। अभी चुंकि विधवित घोषणा नहीं हुई है, इसलिए आधिकारिक तौर पर कुछ कह पाने की स्थिति में नहीं हूं। जब घोषणा हो जाएगी तो पीलीभीत की जनता के बीच आकर आशीर्वाद मांगूंगा। संजय कपूर, विधायक, बिलासपुरपार्टी जिस किसी को भी मैदान में उतारेगी उसे पूरी शिद्दत से मैदान में लड़ाया जाएगा। हमारा एक ही लक्ष्य है, पार्टी के प्रत्याशी को जीत दिलाना। नाराजगी तो चलती रहती है, जो आपत्ति कर रहे हैं वह जल्द ही मान जाएंगे।

ऐसी उम्मीद मैं करता हूं। सुरेंद्र कुमार गुप्ता, जिलाध्यक्ष, कांग्रेसमैं हमेशा से कहता आया हूं कि बाहरी प्रत्याशी को चुनाव नहीं लड़ने देना चाहिए। अब अगर हमारी ही पार्टी ऐसा करेगी तो कैसे बात बनेगी। अगर बाहरी प्रत्याशी के नाम की घोषणा की गई और वह हार गया तो मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। विनोद तिवारी, पूर्व मंत्री।

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