DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

फर्जी अंकपत्र के आधार पर छात्रवृत्ति लेने वाले तलब

आजमगढ़। कार्यालय संवाददाता। फर्जी अंकपत्र लगाकर गलत तरीके से छात्रों की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि डकारने वाले कालेजों पर अब शासन का शिकंजा कसने लगा है। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने जनपद के 25 कालेजों से 46 छात्रों की सूची भेज कर उनका भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिया है।

शासन ने जांच के आधार पर इन कालेजों द्वारा फर्जी अंकपत्र के अधार पर यह धनराशि हड़पने की बात कही है। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने जनपद के इन 25 कालेजों को एक तय समय सीमा में उन 46 छात्रों की मूल अंकपत्र लेकर कार्यालय उपस्थित होने के निर्देश दिये हैं। यह भी कहा गया है कि यदि उनके द्वारा तय तारीख तक भौतिक सत्यापन नहीं कराया जाता है तो उनकी कोई रिपोर्ट मान्य नहीं होगी साथ ही किसी विधिक कार्यवाही के लिये वह स्वयं जिम्मेदार होंगे।

इसके पहले एनआईसी लखनऊ ने जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय को यह अवगत कराया था कि इन कालेजों ने इस सामान्य छात्रों की छात्रवृत्ति एवं शुल्क की धनराशि हाईस्कूल के फर्जी अंकपत्र के आधार पर ले ली है। शासन ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता वाला संज्ञेय अपराध माना था। इसमें छात्रवृत्ति की धनराशि रुपये 3600 व शुल्क प्रतिपूर्ति धनराशि 2400 रुपये ली गयी है। उधर इस विषय पर नवागत जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि इस संबंध में सीडीओ अनिल कुमार मिश्र, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी डा अर्चना सिंह के साथ एक कमेटी बनायी गयी है इस मामले में पहले ही जांच चल रही है और ज्यादा अध्ययन के बाद ही बता पाऊंगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:फर्जी अंकपत्र के आधार पर छात्रवृत्ति लेने वाले तलब