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सुहागनगरी के कांच उद्योग को मिल गई संजीवनी

फिरोजाबाद। हिन्दुस्तान संवाद।  ताज ट्रिपेजियम जोन के उद्योगों को रियायती दर के एपीएम गैस कोटे में कटौती से मुक्ति मिल गई है।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने पूर्व में जारी एपीएम गैस कोटे में कटौती का फरमान अन्तत: वापस ले लिया। इधर, एपीएम गैस कट समाप्त होने पर कांचनगरी के उद्योग जगत ने राहत की सांस ली है। अब टीटी जोन को सालों से आवंटित 11 लाख घनमीटर रियायती दर के एपीएम गैस कोटे से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। पेट्रोलियम मंत्रालय ने टीटी जोन को प्राथमिकता वाले सेक्टर में मान लिया है। मंत्रालय ने साफ कर दिया कि टीटी जोन को नो गैस कट जोन में ही रखा जाएगा।

हाल ही में मंत्रालय ने इस आशय का आदेश जारी कर दिया है। यह जानकारी पेट्रोलियम मंत्रालय के निदेशक एनके श्रीवास्तव ने पांच मार्च 2014 को गेल गैस लिमिटेड. नोएडा के सीईओ को भेजे पत्र में दी है। निदेशक ने अपने पत्र में अवगत कराया कि प्रकरण पर मंत्रालय के संशोधित दिशा निर्देशों के तहत एपीएम गैस कटौती ताज ट्रिपेजियम जोन में जारी नहीं होगी। निदेशक ने कहा कि गैस की जो कटौती देश के बाकी हिस्सों में लागू की गई है, वह टीटी जोन के व्यक्तिगत ग्राहकों के लिए लागू नहीं होगी।

निदेशक ने स्पष्ट किया कि ताज ट्रिपेजियम जोन में प्राकृतिक गैस की आपूíत समान दर पर की जा रही है। गैस दर की यूपीएम पॉलिसी पर हाईकोर्ट इलाहाबाद के फैसले को बरकरार रखा गया है। हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने भी कायम रखा है। निदेशक ने कहा कि यह आदेश पेट्रोलियम मंत्री की सहमति से जारी किया गया है।

 

नहीं होगी एपीएम गैस कटौती, जारी रहेगी यूपीएम गैस दर  पेट्रोलियम मंत्रालय के निदेशक ने साफ किया कि ताज ट्रिपेजियम जोन में पूर्व से आवंटित रियायती दर के एपीएम गैस कोटे में कोई कटौती नहीं की जाएगी।

साथ ही टीटी जोन में समान दर की गैस दर के लिए यूनीफार्म प्राइस पॉलिसी लागू रखी जाएगी। इसमें किसी तरह का कोई परविर्तन नहीं किया जाएगा।

चूड़ी व कांच उद्योग को मिल गई संजीवनी

पेट्रोलियम मंत्रालय के हालिया आदेश का लाभ वैसे तो ताज ट्रिपेजियम जोन के तहत फिरोजाबाद के साथ ही आगरा के गैस चालित सभी उद्योगों को मिलेगा, लेकिन रियायती दर के 11 लाख घनमीटर एपीएम गैस कोटे में की गई 15 फीसदी कटौती समाप्त होने का सर्वाधिक फायदा सुहागनगरी को होगा।

क्योंकि 11 लाख घनमीटर में करीब 9.5 लाख घनमीटर एपीएम गैस कांचनगरी की इकाइयों को ही पहले से आवंटित है। इस कारण कटौती की मार भी फिरोजाबाद की इकाइयों पर ही ज्यादा पड़ रही थी। अब पूर्व स्थिति बहाल होने से सुहागनगरी के चूड़ी उद्योग को संजीवनी मिल जाएगी। वहीं कांच उत्पादक इकाइयों को भी काफी राहत मिल सकेगी। रंग लाई दो जिलों के उद्यमियों की एकजुटता

 दसिंबर 2013 के आखिरी सप्ताह में गैस कंपनी ने गुपचुप तरीके से एपीएम कोटे में 15 फीसदी कटौती कर दी थी।

कुछ दिन बाद 30 हजार घनमीटर का दूसरा कट और लगा दिया। इससे फिरोजाबाद व आगरा के उद्योग जगत में हड़कंप मच गया था। अचानक आई इस आफत से उद्यमी हलकान हो उठे थे। तब अक्सर दो धड़ो में बंटे रहने वाले कांचनगरी के उद्यमी ही एकजुट नहीं हुए, बल्कि आगरा के उद्यमी भी फिरोजाबाद के उद्यमियों के साथ इस मुद्दे को लेकर एक मंच पर आ गए। दोनों जिलों के उद्यमियों ने नोएडा पहुंच कर संयुक्त रूप से गेल गैस लिमिटेड का घेराव भी किया था।

तब कंपनी के सीईओ ने पेट्रोलियम मंत्रालय से एपीएम गैस कटौती को लेकर नए सिरे से दिशा निर्देश मांगे थे। सामूहिक सियासी कोशशिों से मिली सफलता फिरोजाबाद। एपीएम गैस कोटे में कटौती की वापसी को लेकर जहां उद्यमी एकजुट हो गए, वहीं राजनीतिक स्तर पर भी प्रयास किए गए। स्थानीय सांसद राजबब्बर ने कांचनगरी के उद्यमियों की पेट्रोलियम मंत्री से मुलाकात कराई। इस दौरान उन्होंने पूरी दमदारी से उद्यमियों का पक्ष रखा। इसके बाद सांसद लगातार उद्योग को राहत दिलाने की पहल करते रहे।

दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचवि प्रोफेसर रामगोपाल यादव फिरोजाबाद के उद्योग को गैस कटौती की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह व पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली से मिले। उन्होंने एपीएम गैस कोटे में कटौती की मार से कराह रहे चूड़ी व कांच उद्योग को बचाने के लिए गुहार लगाई थी। इसी क्रम में भाजपाई होने से पूर्व बसपा के राज्य सभा सदस्य प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल व आगरा के भाजपा सांसद रामशंकर कठेरिया ने उद्यमियों के साथ नोएडा पहुंच कर गेल अफसरों के समक्ष समस्या हल कराने के लिए दबाव बनाया था।

सीएम ने भी उद्यमियों की समस्या पर संजीदगी दिखाई

 प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कांचनगरी के उद्यमियों की एपीएम गैस कटौती की समस्या को काफी संजीदगी से लिया। युवा उद्यमी बिन्नी मित्तल के नेतृत्व में जब शहर के उद्यमियों का प्रतिनिधिमंडल लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से मिला तो उन्होंने तत्काल केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली के लिए पत्र लिख दिया। मुख्यमंत्री ने अपने खत में मोइली से टीटी जोन को आवंटित एपीएम गैस को कटौती मुक्त किए जाने का अनुरोध किया था, ताकि इस क्षेत्र के उद्योगों का अस्तित्व बचाया जा सके।

टीटी जोन में की गई एपीएम गैस कटौती पेट्रोलियम मंत्रालय ने समाप्त कर दी है। इस बाबत मंत्रालय ने आदेश भी जारी कर दिया है। इससे टीटी जोन के उद्योगों को काफी राहत मिलेगी। यह सिर्फ मेरी नहीं सभी लोगों की एकजुटता की सफलता है। कुल मिलाकर मंत्रालय का यह निर्णय उद्योग हित में है। राजबब्बर, सांसद फिरोजाबाद

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