DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

डेढ़ करोड़ से अधिक की कर्जदार आंगनबाड़ी सेविकाएं

चाईबासा टी. शिशिर। पोषाहार के लिए नियमित राशि नहीं मिलने से आंगनबाड़ी सेविकाएं कर्ज के बोझ से दबी हुई हैं। उन्हें उधार देने में लोग कतराने लगे हैं। स्थिति यह है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार की नियमित उपलब्धता पर प्रश्न चहि्न लगने लगा है। पश्चिमी सिंहभूम जिले में 2330 केंद्र चलते हैं, जिनका संचालन 2330 सेविकाएं करती हैं। इन सभी सेविकाओं पर करीब 1 करोड़ 68 लाख 82 हजार रुपये आपूर्तिकर्ताओं का बकाया है।

अपने बकाया को भुगतान करने की बात कहकर आपूर्तिकर्ता उन्हें पोषाहार उपलब्ध कराने से कन्नी काट रहे हैं। यह स्थिति सरकार द्वारा पोषाहार मद में दी जाने वाली राशि को समय पर उपलब्ध नहीं कराने के कारण बनी है। अगर यही स्थिति रही तो समाज कल्याण विभाग द्वारा चलने वाली सबला पूरक पोषाहार और पूरक पोषाहार की योजना अधर में लटक सकती है।

जानकारी के अनुसार, सबला पूरक पोषाहार के अंतर्गत गोइलकेरा प्रखंड के केंद्र पर दसिंबर 2011 का 41 लाख 6 हजार 41 रुपये, उसी प्रखंड में संचालित केंद्रों में वर्ष 2012 के जनवरी- फरवरी में सभी परियोजनाओं का 94 लाख, 39 हजार 527 रुपये का बकाया है।

जबकि पूरक पोषहार में नोवामुंडी, तांतनगर, चक्रधरपुर, गोइलकेरा, सोनुवा, बंदगांव, सदर में संचालित केंद्रों की सेविकाएं 74 लाख 43 हजार 304 रुपये की कर्जदार बनी हुई हैं। इस तरह कुल 1 करोड़ 68 लाख 82 हजार 831 रुपये उधार सेविकाओं पर है। सभी सेविकाएं नजदीकी दुकानों से पोषाहार उधार में लेकर केंद्र को संचालित करती हैं।

अब सेविकाओं की उधारी बढ़ने के कारण आपूर्तिकर्ता (दुकानदार) भी सेविकाओं को भुगतान के लिए परेशान कर रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में सबला पूरक के तहत गर्भवती महिलाओं, कि शोरियों को चावल, बरी, तेल, दाल आदि खाद्य पदार्थ पोषाहार के रूप में दिए जाते हैं।

कई बार दी जा चुकी है जानकारीः समाज कल्याण आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष नितई चंद्र चौधरी ने कहा कि संघ द्वारा बार-बार विभाग को पत्राचार किया गया है। इसके अलावा अधिकारिक तौर पर भी सरकार को इस समस्या की जानकारी दी गई। इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। अगर ऐसी ही स्थिति बनी रही तो संघ आंदोलन को बाध्य होगा। उन्होंने उपायुक्त से मांग की कि इस वित्तीय वर्ष के आवंटन से भुगतान की जाए।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:डेढ़ करोड़ से अधिक की कर्जदार आंगनबाड़ी सेविकाएं