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पोटका के जानमडीह फिरकाल नृत्य को मिली ख्याति

पोटका। संवाददाता। प्रखंड के जानमडीह का फिरकाल नृत्य ने एक बार फिर अपनी प्रसिद्धि का लोहा मनवाया। इस बार अवसर था झारखंड के युवा महोत्सव का। फिरकाल नृत्य के पुराने उस्ताद लक्ष्मण सरदार के पुत्र रघुनाथ सरदार के नेतृत्व में टीम ने रांची के खेल स्टेडियम में मनोरंजक ढंग से नृत्य प्रस्तुत कर चयन समिति एवं अतिथियों का दिल जीत लिया।

जानमडीह की टीम को राज्य का दूसरा प्रसिद्ध नृत्य दल घोषित कर पुरस्कृत किया गया। नृत्य दल को सामूहिक रूप से मुख्य अतिथि मानव संसाधन एवं खेल व युवा मामले की मंत्री गीताश्री उरांव, विशिष्ट अतिथि खेल विभाग की सचवि वंदना डाडेल एवं निदेशक ददन चौबे ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। पोटका का फिरकाल नृत्य आदिवासी समुदाय का प्रसिद्ध नृत्य है। इसकी उत्पति जानमडीह के टोला रागड़ासाई में हुई थी। वीर आदिम खेरवाड़ समिति के तत्वावधान में नृत्य को बुंलदियों तक पहुंचाया गया।

इस प्रयास में कला मंदिर जमशेदपुर के सचवि अमिताभ घोष का भी सराहनीय प्रयास है। घोष के प्रयास से ही फिरकाल नृत्य दिल्ली में भी अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहा। इस बार नृत्य टीम में क प्तान रघुनाथ सरदार, मंजीत सरदार, मधु सरदार, किशोर कुमार सरदार, किरण कुमार सरदार, लखन सरदार, राजाराम सरदार, गणेश सरदार, मनोहर सरदार, राजु सरदार, महेश्वर सरदार, निर्मल सरदार, ज्योतिन सरदार, संजित सरदार, दशरथ सरदार, शविनाथ सरदार, राजेश सरदार शामिल थे। टीम कप्तान रघुनाथ सरदार ने आभार जताया है।

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