DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पेयजल प्लांटों में राशि के दुरुपयोग रोकने की मांग

गिरिडीह प्रतिनिधि। शहर के शास्त्रीनगर के आम नागिरकों ने दीपक लाल के नेतृत्व में डीसी को आवेदन देते हुए जिले के सभी तीन प्लांटों में सरकारी राशि का दुरुपयोग रोकने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि शहर के खंडोली, चैताडीह एवं महादेव तालाब हुट्टी बाजार स्थित जलापूर्ति प्लांटों में पानी की शुद्धता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कहा है कि प्लांटों को चलाने की जिम्मेवारी पेयजल व स्वच्छता विभाग और विभागीय ठेकेदार उपेन्द्र शर्मा पर है, जिनके द्वारा बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है।

प्रितमाह एक सौ स्टाफ का वेतन विभाग से दिया जाता है। प्रित स्टाफ 12 हजार रुपए का भुगतान किया जाता है, परंतु इन प्लांटों में सिर्फ अस्थायी 41 स्टाफ हैं, जिंन्हें सिर्फ चार हजार से साढ़े हजार रुपए का भुगतान ठेकेदार द्वारा किया जाता है।

कर्मियों में काफी रोष है और वे सभी डर से कुछ बोल नहीं पाते हैं। पत्र में कहा गया है कि प्लांटों को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रित वर्ष डेढ़ करोड़ रुपए दिए जाते हैं, परंतु सिरे्फ 25 से 30 लाख रुपए ही खर्च किए जाते हैं।

कहा गया है कि तीन वर्षो से इन प्लांटों में पानी की गुणवत्ता के लिए क्लोरिन का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। कलोरिन तीन से छह माह में एक्सपायर हो जाता है और ऐसे में सप्लाई किया जानेवाला पानी कितना शुद्ध होगा यह सोचने की बात है। कहा है कि इसमे ब्लीचिंग पाउडर जितना दिया जाना चाहिए उसका एक चौथाई ही डाला जाता है।

उन्होंने डीसी से सारी बातों की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। पत्र की प्रति विभाग के अधीक्षण अभियंता, आयुक्त हजारीबाग, लोकायुक्त रांची एवं मुख्यमंत्री को भी प्रेषित की गई है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:पेयजल प्लांटों में राशि के दुरुपयोग रोकने की मांग