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मिथिलेश के हौसले की उड़ान को दोस्त ने लगाया पंख

भागलपुर, इरशाद आलम। जमाना बदलता है, वक्त भी बदलता है मगर कुछ नहीं बदलता है तो वह है हौसले की उड़ान, जज्बात की बुलंदियां और दोस्ती की मिसाल। फिल्म दोस्ती में एक दोस्त ने अपने दोस्त की पढ़ाई के लिए भीख मांगता दिखाया गया है। ऐसी ही दोस्ती की मिसाल गुरुवार को मुस्लिम हाईस्कूल केन्द्र पर मैट्रिक की परीक्षा के दौरान देखने को मिली।

एलएन हाईस्कूल, पीरपैंती बाजार से परीक्षा देने आये मिथिलेश कुमार दोनों पैर से विकलांग हैं। वह जमीन पर खिसक कर चलता है। लेकिन उसकी पढ़ने की ललक और जज्बा ने उसके हौसले को टूटने नहीं दिया। उसके हौसले की उड़ान को उनके गांव के दोस्त श्रवण कुमार ने पंख लगा दिया।

मिथिलेश इतनी दूर परीक्षा केन्द्र को लेकर बहुत उदास था लेकिन दोस्त ने उसे सहारा दिया और उसे परीक्षा केन्द्र मुस्लिम हाईस्कूल तक लाया। मिथिलेश परीक्षा केंद्र से एक किलोमीटर की दूरी पर अपने दोस्त के साथ 1500 रुपए किराये देकर रह रहे है।

उनके पिता मजदूरी करते हैं। दोस्त श्रवण परीक्षा नहीं दे रहे हैं लेकिन दोस्त की पढ़ाई के खातिर वे पीरपैंती से आकर भागलपुर में रुके हुए है। पहले दिन मिथिलेश को उनके दोस्त ने गोद में उठा कर परीक्षा केन्द्र तक पहुंचा।

परीक्षा समाप्त होने तक दोस्त बाहर इंतजार करता रहा और खत्म होने के बाद फिर उसे गोद में उठा कर ठहरने की जगह तक ले गये। मिथिलेश ने बताया कि आने वाला कल पढ़ाई का है। जो पढ़ा-लिखा नहीं है, वह अंधे लोगों के बराबर है।

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