DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला सही

केंद्र सरकार ने दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को न्यायोचित ठहराया। केंद्र सरकार ने आम आदमी पार्टी (आप) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के जवाब में यह बात कही।

सरकार की दलील: केंद्र सरकार ने न्यायालय को सौंपे गए अपने हलफनामे में कहा है कि दिल्ली में राजनीतिक परिस्थितियां कभी भी बदल सकती हैं और अन्य दलों के द्वारा सरकार के गठन के दावे से इनकार नहीं किया जा सकता। इसीलिए दिल्ली विधान सभा को भंग कराकर चुनाव कराना अनुचित होता।

केंद्र सरकार ने कहा कि ‘आप’ का यह दावा कि कोई भी पार्टी सरकार बनाने के पक्ष में नहीं है। पूरी तरह से मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है और केवल इस आधार पर फैसला लिया जाना गलत होता। गौरतलब है कि 17 फरवरी को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने केंद्र सरकार की अनुशंसा पर दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाने को मंजूरी दी है जिसे अदालत में चुनौती दी गई है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला सही