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बीसीसीआई का अनुरोध: खिलाड़ियों के नाम न हो सार्वजनिक

बीसीसीआई का अनुरोध: खिलाड़ियों के नाम न हो सार्वजनिक

भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड ने गुरुवार को उच्चतम न्यायालय में अनुरोध किया कि आईपीएल में सट्टेबाजी और स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण की जांच करने वाली समिति की सीलबंद रिपोर्ट में शामिल खिलाडियों के नाम सार्वजनिक नहीं किये जायें।

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश मुकुल मुदगल की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में भारतीय टीम के छह प्रमुख खिलाडियों का जिक्र किया है जिनके नाम जांच के दौरान सामने आये हैं। इनमें से एक खिलाड़ी इस समय भी टीम का सदस्य है।

बोर्ड ने इस रिपोर्ट के जवाब में कहा है कि प्रमुख खिलाडियों के खिलाफ समाचार चैनलों में अटकलों और बगैर किसी आधार के आरोप लगाये गये हैं और शीर्ष अदालत को इन निर्दोष खिलाडियों और क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड की गरिमा और प्रतिष्ठा को होने वाली क्षति को रोकने के लिये आदेश देना चाहिए।

शीर्ष अदालत द्वारा गठित इस समिति में अतिरिक्त सालिसीटर जनरल एन नागेश्वर राव और असम क्रिकेट एसोसिएशन के सदस्य नीलय दत्ता शामिल हैं। समिति ने सीलबंद लिफाफे में उन खिलाडियों के नाम दिये हैं जिनकी भूमिका की जांच हो रही है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि एक खेल पत्रिका से संबंधित पत्रकार ने बातचीत रिकॉर्ड की थी और वह इन भारतीय खिलाडियों की आवाज पहचान सकता है। इस पत्रकार ने यह भी कहा था कि यह खिलाड़ी विश्व कप खेलने वाली टीम का सदस्य था और इस समय भारतीय टीम का सदस्य है।

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