DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अलग मत्स्य मंत्रालय के समर्थन में राहुल गांधी

अलग मत्स्य मंत्रालय के समर्थन में राहुल गांधी

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को मछुआरा समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात की, जिन्होंने अलग मत्स्य मंत्रालय के गठन समेत अपनी अनेक मांगे कांग्रेस उपाध्यक्ष के समक्ष रखी।

वरसोवा के मछुआरों के गांव में राहुल के साथ 40 मिनट तक चली बातचीत में मछुआरा समुदाय के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगें पेश की। मछुआरों ने अंदेशा जताया कि मुंबई में जमीन की आसमान छूती कीमतों के चलते अब बिल्डरों ने मछली बाजारों पर आंखें गड़ाई हैं।

उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष से सवाल किया कि हम जानना चाहते हैं कि आप किस के तरफ हैं, राहुल ने जवाब दिया कि मैं हमेशा आप के साथ हूं। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि वह उनसे मिलने और उनके विचार जानने आए हैं। वह यहां भाषण देने नहीं आए हैं।

राहुल ने अलग मत्स्य मंत्रालय के गठन की मछुआरों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि यह एक अच्छी सलाह है। जब मुख्यमंत्री पथ्वीराज चव्हाण ने यह कहते हुए हस्तक्षेप किया कि पशुपालन मंत्रालय के लिए 1600 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान है और इसके तहत मत्स्य विभाग आता है, मछुआरों में से एक ने कहा कि अभी तक राज्य ने जितने कषि मंत्री देखें हैं उनमें कोई भी तटीय क्षेत्र का नहीं है और वह मछली कारोबार की बारीकियों को नहीं समझते हैं।

उन्होंने मत्स्य को कृषि का दर्जा देने और ससून डाक के विस्तार की भी मांग की। बैठक में शामिल एक शख्स ने कहा कि मछली पकड़ना कोई बारह मासी कारोबार नहीं है। हमें आजीविका के लिए वैकल्पिक रोजगार की जरूरत है। एक अन्य वक्ता ने कहा कि तटीय इलाकों में पर्यटन के नाम से विभिन्न कंपनियों को इजाजत दी गई है और इसने मछुआरा समुदाय के लिए दिक्कतें पैदा की है।

राहुल ने वहां मौजूद लोगों से कहा कि मछुआरा समुदाय की तरह किसानों को भी लग रहा है कि उनके लिए बहुत कुछ करने की जरूरत है। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि पिछले दस साल में केन्द्र सरकार ने समाज के हिस्सों के लिए ठोस बुनियाद खड़ा करने का काम किया है ताकि वे खुद को सुरक्षित महसूस करें।

इस बैठक के तुरंत बाद मरोल बाजार मासली विक्रेता कोली महिला संस्था की अध्यक्ष राजश्री भांजी ने कहा कि उन्होंने राहुल के समक्ष यह अंदेशा जताया है कि मछुआरों की जमीन बिल्डर हड़प सकते हैं। मुंबई में 37 मछली बाजार है और सभी नगर निगम के हैं।

उन्होंने कहा कि कोली (मछुआरों) का इन परिसरों में कोई दखल नहीं है। हमें डर है कि इनपर बिल्डर कब्जा कर सकते हैं। राजश्री ने कहा कि लोगों ने राहुल को प्यारा और हम में से एक पाया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:अलग मत्स्य मंत्रालय के समर्थन में राहुल गांधी