DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बदलती तसवीर बढ़ती ताकत

बदलती तसवीर बढ़ती ताकत

अब हमारे हाथों में है, हमारी किस्मत की चाबी। जैसा चाहते हैं, जो चाहते हैं, बेफिक्र होकर वो अब हम करते हैं। हम बदल रहे हैं और हमारे साथ समाज बदल रहा है। महिला दिवस के असवार पर स्त्री शक्ति की इसी ताकत को सलाम कर रही हैं क्षमा शर्मा

इन दिनों शादी की एक वेबसाइट का विज्ञापन आ रहा है जिसमें पिता अपने बेटे से कहता है कि अब तुम्हारे प्रमोशन के बाद पैसे बढ़ गए हैं तो सुधा (बहू) को काम करने की क्या जरूरत है? तब बेटा अपने पिता को जवाब देता है-पापा, सुधा घर चलाने के लिए काम नहीं करती है। उसे अच्छा लगता है, इसलिए काम करती है। पीछे खड़ी सुधा जब अपने पति की बात सुनती है तो उसका चेहरा दमकने लगता है। यह विज्ञापन हमारे समाज के बदले समय और नए नजरिए को बताता है। जहां औरत के काम करने का अर्थ पैसा कमाकर घर चलाना भर नहीं है। नौकरी का अर्थ है आत्मनिर्भरता, अपनी स्वायत्ता और स्वतंत्रता। आज से चालीस साल पहले औरत की नौकरी का अर्थ जरूर घर की जरूरतों को  पूरा करना होता था, मगर अब नौकरी करने का अर्थ है अपनी शिक्षा का सही उपयोग, खुद का करियर और जरूरतों के लिए किसी के सामने हाथ न फैलाना।

यूं ही बढ़ते रहो आगे
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर औरतों को आगे बढ़ाने, उनकी मेहनत का सही मूल्य चुकाने, सामाजिक सरोकारों में उनकी बराबर की भागीदारी सुनिश्चित करने की मुहिम चल रही है। संयुक्त राष्ट्र से लेकर तमाम नारीवादी संगठनों और सरकारों का इस बात पर जोर ज्यादा है कि जो लड़की पढ़ने के लिए और जो स्त्री बाहर काम करने निकल रही है उसे पूरी सुरक्षा मिले। सिर्फ लड़की होने के कारण कोई उसे न सताए। उसे बराबरी के अवसर मिलें।

औरत को अब तक हमेशा किसी के पीछे चलने वाला माना जाता रहा है। इसी पीछे चलने में उसकी गैर बराबरी और शोषण के बीज छिपे हैं। इसी को दूर करने के लिए जरूरी है कि वह किसी के पीछे न चलकर, साथ चले और हो सके तो साथ चलने वाले से आगे निकल जाए। समाज को यह बात अच्छी तरह से समझ में आ गई है कि दुनिया की आधी आबादी को सही अवसर मुहैया करवाकर न केवल अपनी और देश की आर्थिक स्थिति को सुधारा जा सकता है, बल्कि समाज के पीछे छूट गए तमाम मोर्चो पर विजय पाई जा सकती है।

पहले कहा जाता था कि औरतों के नाम कोई अचल सम्पत्ति नहीं होती। लेकिन जब से जमीन, फ्लैट के रजिस्ट्रेशन की स्टॉम्प ड्य़ूटीज में औरतों को छूट दी जाने लगी है उनके नाम पर अधिक संपत्ति खरीदी जा रही है। यही नहीं, तमाम बैंक भी अब हाउसिंग लोन औरतों को आदमियों के मुकाबले कम ब्याज दरों पर मुहैय्या करा रहे हैं। इसी तरह सरकार द्वारा लड़कियों की शिक्षा के लिए चलाई गई योजनाओं जैसे दोपहर का भोजन, फीस में छूट, किताबें-कॉपियां मुफ्त और स्कूलों में प्रवेश में प्राथमिकता की सुविधाओं के कारण स्कूलों में लड़कियों की उपस्थिति बेतहाशा बढ़ी है। देश भर में फैले बहुत-सी सरकारी और गैर-सरकारी संस्थान औरतों को तरह-तरह के कामों में निपुण कर रहे हैं। वे उन्हें सिलाई-कढ़ाई, अचार, पापड़, ब्यूटी पार्लर, बडियों से लेकर कम्प्यूटर तक सिखाने का काम कर रहे हैं। इन कामों से पैसे कैसे कमाए जाएं, इनकी ठीक तरह से मार्केटिंग कैसे की जाए जिससे कि अपनी मेहनत का सही मूल्य मिल सके, सिखा रहे हैं।

संबंल भी है, हौसला भी है
आज अपनी बेटी को आगे बढ़ाने के लिए लोग दफ्तरों में प्रमोशन ठुकरा रहे हैं। कई साल पहले मैं एक ऐसे बैंक कर्मी पिता से मिली थी, जिसने अपनी सारी पूंजी अपनी बेटी को बीमारी ठीक कराने के लिए उसके इलाज पर खर्च कर दी। इस दौर की पढ़ी-लिखी मांएं भी अपनी लड़कियों के लिए खुला आकाश चाहती हैं, जहां वे पंख पसारकर ऊंचाइयों को छू सकें। इसके लिए ये माताएं कुछ भी करने को तैयार हैं। पिछले दिनों ह्यूस्टन युनिवर्सिटी, अमरीका की वाइस चांसलर रेणु खटोड़ से मुलाकात हुई। रेणु ने फरुखाबाद, उ.प्र. के हिंदी माध्यम स्कूल कन्या आर्य पाठशाला से शिक्षा पाई थी। अपनी मेहनत के बल पर आज वह अमरीका की जानी-मानी युनिवर्सिटी के सबसे उच्च पद पर पहुंचीं। यही औरतें हैं जो असली रोल मॉडल्स हैं। आगे बढ़ने की सहूलियतें और सुविधाएं बड़े शहरों की औरतों को चाहिए, मगर छोटे शहरों, कस्बों और गांवों की लड़कियों में आगे बढ़ने और नए मुकाम हासिल करने की चाहत बहुत अधिक है। पहले जहां ग्लैमर वर्ल्ड में छोटे शहर की लड़कियां नहीं जाना चाहती थीं या उन्हें जाने नहीं दिया जाता था, वहीं अब वे इन क्षेत्रों का रुख भी कर रही हैं। इन शहरों में मॉडलिंग एकेडमी, मीडिया इन्स्टीट्यूट और एअर होस्टेस एकेडेमीज खोली जा रही हैं। टीचर, डॉक्टर, इंजीनियर बनने के मुकाबले करियर के ये नए क्षेत्र लड़कियों और उनके परिवार वालों की बदलती हुई सोच को दर्शाते हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बदलती तसवीर बढ़ती ताकत