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मुख्यमंत्री ने सुनी मध्याह्न् भोजन बनाने वाली की फरियाद

मुख्यमंत्री ने सुनी मध्याह्न् भोजन बनाने वाली की फरियाद

संकल्प सभा में जब पूर्व सांसद कैलाश बैठा के बोलने की बारी आयी, तो रसोइया संघ की महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। महिलाएं हाथ उठाकर नारेबाजी करते हुए मानदेय बढ़ाने की मांग करने लगीं। पुलिस व जेडीयू कार्यकर्ताओं के समझाने पर भी वे चुप रहने को तैयार नहीं थीं। उनका कहना था कि स्कूल में भोजन बनाने के बावजूद उनका परिवार भूखा है। कैलाश बैठा के आग्रह पर भी मामला शांत नहीं हुआ तब सीएम ने उनके प्रतिनिधिमंडल को बुलाया।

ब्लू एप्रन पहनी रसोइयां संघ की नेत्री नीता देवी डी एरिया के किनारे-किनारे मंच पर पहुंची। नीता के मंच पर पहुंचते ही भीड़ ताली बजाने लगी। उसने मुख्यमंत्री को बताया कि महंगाई के इस युग में भी सरकार द्वारा उन लोगों को मजदूरी के रूप में प्रतिदिन सिर्फ 33 रुपये दिए जाते हैं। इतने कम पैसे में वे खाना, परिवार का पालन पोषण एवं बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था नहीं कर पाती। सीएम ने उनकी समस्या सुनने के बाद उसे दूर करने का अश्वासन दिया। कभी रसोइयां संघ, कभी उत्प्रेरक संघ तो कभी टीईटी संघ नारेबाजी कर रहे थे।

हक की आवाज उठायी तो हुई धक्कामुक्की
मुख्यमंत्री की सभा में कई बैनर लहराने लगे। एक बैनर पर ‘शिक्षक नियोजन का हाल’ लिखकर लहरा रहे टीईटी पास अभ्यर्थियों ने जमकर हंगामा किया। वे शिक्षक नियोजन की प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे थे। दर्जनों टीईटी पास अभ्यर्थी जब छाती पीट कर सीएम के विरोध में नारेबाजी करने लगे, तो कुछ कार्यकर्ता उन्हें समझाने पहुंच गए। नारेबाजी करने वाले टीईटी एवं एसटीईटी पास कर चुके सभी अभ्यर्थियों के नियोजन की मांग कर रहे थे। उसके बाद जदयू कार्यकर्ता उन्हें सभा स्थल से हटाने के लिए धक्कामुक्की करने लगे। प्रदर्शनकारियों की डंडे से जमकर पिटाई करते हुए खींचकर बाहर पहुंचाया गया।

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