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भाजपा के पांच नेता नहीं लड़ेंगे चुनाव

भाजपा के पांच नेता नहीं लड़ेंगे चुनाव

लोकसभा चुनावों की रणनीति से जुड़े भाजपा के पांच प्रमुख नेताओं को पार्टी ने चुनावी जंग से दूर रखने का फैसला किया है। इनमें राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली, पूर्व अध्यक्ष वेंकैया नायडू, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी, राष्ट्रीय महासचिव धर्मेद्र प्रधान व थावरचंद गहलौत शामिल हैं। ये सभी दिल्ली में चुनाव प्रबंधन व समन्वय का काम देखेंगे।

लोकसभा चुनावों के लिए उम्मीदवार तय करने में जुटी भाजपा चुनाव प्रबंधन में भी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। जिन पांच प्रमुख नेताओं को चुनाव न लड़ाने का फैसला किया है, उनमें से तीन केंद्रीय संसदीय बोर्ड के सदस्य व दो राष्ट्रीय पदाधिकारी हैं। वर्तमान में ये राज्यसभा सांसद हैं।

मोदी हर रोज करेंगे चार से पांच सभाएं
मुख्य चुनाव प्रचार का सारा दारोमदार नरेंद्र मोदी पर ही रहेगा। वे हर पांच लोकसभा सीटों में एक सभा करेंगे और एक दिन में चार से पांच रैलियों को संबोधित करेंगे। कई सभाओं को मोदी 3डी तकनीक से भी संबोधित करेंगे।

हर बूथ से जुड़ा रहेगा ई वर्कर: भाजपा ने लगभग आठ लाख बूथों पर दस से चालीस लोगों की टीम बनाने का फैसला किया है। अधिकांश बूथों पर ये टीमें बन भी चुकी हैं। ये टीमें दिल्ली में केंद्रीय वार रूम में ई वर्कर्स के संपर्क में रहेंगी। इनका मुख्य काम अपने बूथों पर लोगों को घर से निकाल कर लाना रहेगा। परंपरागत चुनाव प्रचार के लिए नुक्कड़ नाटक की 60 से 70 टीमें भी बनाई गई हैं।

अंदरुनी सर्वे में भाजपा को बढ़त: भाजपा ने अपने अंदरुनी सर्वे में उत्तर प्रदेश में 52 सीटों व बिहार में 24 सीटों पर अपनी बढ़त मानी है। उत्तर प्रदेश में वह अपनी मौजूदा सीटों के अलावा सपा के कब्जे वाली आठ सीटों पर, कांग्रेस के कब्जे वाली 13 सीटों पर व बाकी अन्य दलों के कब्जे वाली सीटों पर आगे है।

आडवाणी पर मीडिया की खबर को झूठ बताया
भाजपा ने पार्टी को वन मैन शो की तरह चलाने को लेकर वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के नाराज होने की खबर को झूठा बताया है। भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई। आडवाणी ने इस खबर पर आश्चर्य प्रकट करने के लिए उन्हें बुलाया था। सिंह ने कहा, आडवाणी जी ने उनसे पूछा कि यह क्या खबर है जबकि बैठक में ऐसी कोई बात ही नहीं हुई। वरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू ने ऐसी खबरों को बेबुनियाद और झूठा बताया। नायडू ने कहा, देश की शीर्ष राजनीतिक हस्ती को ऐसे बयान के बारे में जिम्मेदार ठहराना जो उन्होंने दिया ही नहीं, बिल्कुल ही अनुचित है। उन्होंने हैरत जताई कि तथ्यों का सत्यापन नहीं कया गया। हालांकि इस मुद्दे पर आडवाणी का अब तक कोई बयान नहीं आया है। दरअसल, ऐसी खबरें आई हैं कि 27 फरवरी को भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में आडवाणी ने ऐसा बयान दिया था। लेकिन नायडू ने कहा कि ऐसी कोई बातचीत हुई ही नहीं, वह भी उस बैठक में मौजूद थे।

जेटली ने बोला हमला
भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने सत्तारूढ़ दल कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यूपीए सरकार नैतिक अलगाव की स्थिति में आ गई है। राज्यसभा में नेता विपक्ष जेटली ने कहा कि यह सरकार अपने आचरण के कारण अलग-थलग पड़ चुकी है। अब कोई भी उसके झूठे काम में हाथ नहीं डालना चाहता है। जेटली ने अपने इस दावे के समर्थन में दो उदाहरण पेश किए।

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