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नीतीश चाहते तो मोदी की सरकार हो सकती थी बर्खास्त

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो। जदयू से निष्कासित राज्य सभा सदस्य शिवानंद तिवारी ने बुधवार को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी नरेंद्र मोदी की सरकार को बर्खास्त करना चाहते थे। यह सभी लोग जानते हैं कि अपने उक्त प्रयास में वह भाजपा में कमजोर पड़ गए थे।

अगर उस वक्त शरद यादव व नीतीश कुमार अटल जी के साथ होते तो आज नरेंद्र मोदी पता नहीं कहां होते। एनडीए के अंदर समता पार्टी भाजपा के बाद सबसे बड़ी पार्टी थी। लोकसभा में उसके इक्कीस सदस्य थे।

शिवानंद ने कहा कि धर्मनिरपेक्षता पर नीतीश कुमार का असली इम्तिहान 2002 में था, लेकिन उस इम्तिहान में वह नरेंद्र मोदी के साथ खड़े दिखते हैं। नीतीश कुमार का सेक्यूलरिज्म यदा-कदा जागृत होता है।

दक्षिण पंथ से वामपंथ की अपनी यात्रा में उन्होंने अपने एकमात्र मुस्लिम लोकसभा सदस्य मोनाजिर हसन को कुर्बान कर दिया। पर मुख्यमंत्री अपने को सेक्यूलर साबित करने को बेचैन हैं। साबिर अली पसमांदा हैं। उनका हश्र भी सबके सामने है।

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