अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

प्रशिक्षण के बगैर कोई शिक्षक परफेक्ट नहीं हो सकता। शिक्षकों को हमेशा सीखने का प्रयास करते रहना चाहिए। आज जिस तेजी से दुनिया में बदलाव हो रहा है और उसमें शिक्षक अपने को पुराने शिक्षण प्रणाली में बांधे रहते हैं तो वे आउटडेटेड हो जाएंगे। कॉलेज ऑफ कामर्स, पटना में आयोजित पांच दिवसीय डायरक्ट ट्रेनिंग स्किल (डीटीएस) कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए राजभवन के ओएसडी डा. आर. कृष्ण कुमार ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में शिक्षकों ने जिस प्रकार का प्रशिक्षण हासिल किया है उसका फायदा छात्रों को मिलना चाहिए।ड्ढr ड्ढr ओएसडी ने कहा कि ज्ञान संचय की चीज नहीं बल्कि बांटने की चीज है। साथ ही जब भी मौका मिले तो ज्ञान को पाने का अवसर गंवाना नहीं चाहिए। शिक्षकों को अपनी क्षमता व कौशल को पहचानने और कुछ अलग करने का प्रयास करते रहना चाहिए। सभा की अध्यक्षता करते हुए इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, दिल्ली के प्रो. जे. गुहा राव ने कहा कि बिहार की प्रतिभा बहुत प्रखर है। इस तरह के प्रशिक्षण विवि शिक्षकों के लिए काफी जरूरी है। अतिथियों का स्वागत करते हुए प्राचार्य डा. सुरश प्रसाद सिंह ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम से शिक्षकों को व्यक्ितत्व निर्माण में मदद मिलेगी। इस मौके पर केंद्र सरकार के पूर्व उप सचिव प्रो. केसी घोष व बिपार्ड के समन्वयक अमिताभ प्रसाद ने भी अपने विचार रखे। मंच संचालन डा. विनोद कुमार मंगलम और धन्यवाद ज्ञापन डा. टी. फातमी ने किया। इस मौके पर ओएसडी ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: