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नायब तहसीलदार के खिलाफ वकीलों का प्रदर्शन, नारेबाजी

स्वार। हिन्दुस्तान संवाद। खतौनी पर भारमुक्त का अमल दरामद कराने को लेकर वकीलों और नायब तहसीलदार के बीच तकरार हो गई। इसको लेकर वकीलों ने नायब तहसीलदार के खिलाफ प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। मामला तूल पकड़ता देख उपजिलाधिकारी को हस्तक्षेप करना पड़ा। वकीलों ने चेतावनी दी है कि अगर नायब तहसीलदार ने रवैया नहीं बदला तो वह आंदोलन करने को मजबूर होंगे। क्षेत्र के नबीगंज गांव की रफीकन ने भूमि बंधक रखकर कभी बैंक से ऋण लिया था।

ऋण खतौनी पर दर्ज किया गया था। उसने यह ऋण अदा कर दिया है। बैंक से अदेय प्रमााण-पत्र लेकर उसने अपने वकील के माध्यम से उपनबिंधक कार्यालय में दे दिया जिसके चलते उपनबिंधक कार्यालय ने भी भारमुक्त प्रमाण पत्र दे दिया। अब खतौनी से ऋण का इंदराज खत्म कराने की प्रक्रिया शुरु की। रफीकन के वकील मतलूब अली खां ने भारमुक्त प्रमाण पत्र नायब तहसीलदार अशोक कुमार सेनी को दिया जिसपर वह अमलदरामद करने का आदेश करते। इसके बाद खतौनी भारमुक्त हो जाती।

वकील का कहना है कि नायब तहसीलदार ने खातेदार के ऋण खाते की जांच के लिए लिख दिया जिसकी आवशकता नहीं थी। इस बात से वकील रुष्ट हुए और उन्होंने बार अध्यक्ष जहूर खां को प्रकरण से अवगत कराया। इसके चलते तमाम वकील एकत्र होकर नारेबाजी करते हुए उनके कार्यालय पहुंचे लेकिन वह नहीं मिले। पता चला कि वह कम्प्यूटर रूम में मौजूद हैं। वहां उपजिलाधिकारी प्रदीप कुमार दूबे भी मौजूद थे। वकीलों ने नायब तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी शुरु कर दी।

उपजिलाधिकारी ने वकीलों को शांत कर मामले को समझा तब उन्होंने नायब तहसीलदार से संबंधित प्रकरण का अमल दरामद करा दिया। इस मौके पर इरशाद अहमद, राशि खां, राशिद अली गौस, राशिद अली खां, सैयद नासिर मियां, राजेंद्र गोस्वामी, सिराज अहमद, जावेद अख्तर, मुमताज मियां और अय्यूब आदि मौजूद रहे।

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  • Web Title:नायब तहसीलदार के खिलाफ वकीलों का प्रदर्शन, नारेबाजी