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दो मार्च से स्विच ऑफ है नीलम का फोन

 पीलीभीत। हिन्दुस्तान संवाद।  नीलम हत्याकांड में पुलिस के हाथ सिर्वलांस के जिरए अहम जानकारी हाथ लगी है। इसमें पित द्वारा बताई बात गलत साबित होने पर शक की सुई वादी की ओर गहरा गई है। घटना के दिन शाम चार बजे नहीं , बिल्क एक दिन पूर्व से ही मोबाइल िस्वच आफ है। पुलिस का दावा है कि जल्द वारदात का वर्कआउट किया जाएगा।

एलआइसी कर्मचारी अवनीश कुमार कंसल मोहल्ला दुर्गाप्रसाद स्थित शिवाजी महाराज मिंदर के एक हिस्से में पत्नी नीलम (51) संग किराए पर रहते है। सोमवार दोपहर एक बजे एलआईसी पािलसी के काम से डाकघर चले गए। शाम करीब पौने सात बजे घर लौटे तो एक कमरे में ताला पड़ा हुआ था, दूसरा खुला पड़ा था। पत्नी नदारद मिलने पर नजदीक के मिंदर और अस्पताल में तलाश की। काफी देर तक न मिलने पर रात करीब पौने दस बजे जब बंद कमरे का ताला दूसरी चाभी से खोला तो खून से लथपथ नीलम का शव जमीन पर पड़ा हुआ था।

पित ने कोतवाली थाने मे दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया गया है कि तीन मार्च की शाम चार बजे से मृतका का मोबाइल फोन िस्वच ऑफ है। सिर्वलांस के जिरए इसकी जांच करने पर सामने आई बात ने वादी की बात को झुठला दिया है। दरअसल नीलम का शव दो मार्च से ही िस्वच आफ है, किसी की भी बात इस नंबर पर नहीं हो सकी है। उधर पित ने दिन में फोन पर बात करने की भी बात कही थी।

इसके अलावा पुलिस ने पित के दिन भर बताई गई लोकेशन की भी जांच सिर्वलांस के जिरए की है। कोतवाल राजपाल सिंह ने बताया कि फील्ड यूिनट घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और सिर्वलांस की मद्द से आरोपी तक पहुंचने के प्रयास किए जा रही है। काफी हद तक सफलता के करीब पहुंच चुके है, जल्द वर्कआउट किया जाएगा। इंसेट---शात साढ़े छह से साढेम् सात के बीच हुई मौत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद नीलम की मौत का संभावित समय भी पुलिस क ो मिल सका है।

इसमें शाम साढेम् छह से साढेम् सात बजे के बीच मौत की पुष्टि हुई है। शरीर पर दस चोट के िनशान भी पाए गए हैं, सिरे और गले पर गंभीर चोटें पाई गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अधिक रक्तश्राव होना मौत का कारण बना है।

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