DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अनाज के भंडारण का प्रयास तेज

इस वर्ष की संभावित बाढ़ के मद्देनजर सरकार ने अनाज समेत आवश्यक सामग्रियों के भंडारण का प्रयास तेज कर दिया हैं ताकि आपातस्थिति में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने बाढ़ से प्रभावित होने वाले जिलों के डीएसओ को भारतीय खाद्य निगम और राज्य खाद्य निगम के स्थानीय गोदामों में गेहूं और चावल के पर्याप्त भंडारण का आदेश दिया है। राहत कार्यो के लिए जरूरत के हिसाब से जुलाई के अनाज का भी एडवांस उठाव करने को कहा गया है।ड्ढr ड्ढr विभाग ने पटना, नालन्दा, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चम्पारण, पश्चिम चम्पारण, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, अररिया, कटिहार, खगड़िया, बेगूसराय और भागलपुर समेत 24 जिलों के डीएसओ को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर बाढ़ संभावित क्षेत्रों में किरासन तेल, पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त मात्रा में भंडारण करने का निर्देश दिया है। जिलों से गत वर्ष की बाढ़ के दौरान पीड़ितों के बीच बांटे गये अनाज का भी ब्योरा मांगा गया है। अनाज की खपत संबंधी रिपोर्ट प्राप्त होने पर उसे केन्द्र सरकार के पास भेजा जाएगा जिससे राज्य को शीघ्र मुफ्त गेहूं-चावल का आवंटन हो सके। राज्य में बाढ़ प्रभावित परिवारों को 50-50 किलोग्राम गेहूं और चावल दिया जाता है।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: अनाज के भंडारण का प्रयास तेज