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आय प्रमाण पत्र की अवधि तीन वर्ष हुई

 भोगांव, हिन्दुस्तान संवाद। हर छ: माह बाद बनने वाले आय प्रमाण पत्रों के लिए भटकते आवेदकों की परेशानियों को देखते हुए शासन ने आय प्रमाण पत्र की अवधि 6 माह से बढ़ाकर तीन वर्ष कर दी है। तहसील से जारी होने वाले मैनुअल आय प्रमाणपत्र की प्रति भी जिलाधिकारी के माध्यम से तहसील बिलम्ब को देखते हुए आवेदक तहसील से ही अपना मैनुअल आय प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकते हैं। प्रमुख सचवि उत्तर प्रदेश कशिन सिंह अटोरिया द्वारा जिलाधिकारी के माध्यम से तहसीलदार को भेजे गए पत्र में कहा है कि अभी तक आय प्रमाणपत्र मात्र छ: माह के लिए ही तहसील स्तर से निर्गत किए जाते थे।

जनता को हर छ: माह बाद अपना आय प्रमाण पत्र बनवाना पड़ता था। जिससे जनता का कीमती समय व पैसा बर्वाद होता था और तहसील के चक्कर भी लगाने पड़ते थे। जनता की इस समस्या को देखते हुए एक बार बने हुए नवीन आय प्रमाण की वैधता को बढ़ाकर तीन वर्ष कर दिया गया है। ताकि जनता को हर छ: माह बाद आय प्रमाणपत्र न बनवाना पड़े। आय प्रमाण पत्र में इस आशय का संसोधन प्रारूप भी जारी कर दिया गया है।

शासन द्वारा आय प्रमाणपत्र का प्रारूप मैनुअल दिया गया है। जो अभी तक तहसील स्तर से जारी होता रहा है। तहसील स्तर से जारी होने वाले मैनुअल आय जाति प्रमाणपत्र पिछले कुछ समय से उपजिलाधिकारी के तुगलगी फरमान से बन्द करा दिए गए थे और जनसुविधा केन्द्रों से इन प्रमाणपत्रों को बनवाने के लिए दबाव बनाया गया था। ताकि जनता को शोषण से बचाया जा सके। लेकिन जनसुविधा केन्द्र संचालकों ने इसका ठीक उल्टा किया। संचालकों ने जनता से मनमानी रकम वसूल कर कई चक्कर लगवाने के बाद उनके प्रमाणपत्र जारी किए।

अवैध वसूली की शिकायत पर उपजिलाधिकारी वीके अग्रवाल द्वारा मौके पर जाकर आलीपुर खेड़ा के जनसुविधा केन्द्र को निरस्त कर उसके संचालक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करा दी गई थी। तहसील के अधविक्ता अशोक कुमार, करनसिंह, राजेश यादव, राजेश वर्मा, संजय राजपूत, प्रदीप सक्सेना आदि ने शासन के निर्देशों के अनुसार तहसील स्तर पर मैनुअल प्रमाणपत्र जारी कराए जाने की मांग की है।

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