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बेगूसराय में छत नसीब न हुई फिर आ गई बाढ़

बूढ़ी गंडक नदी का पानी एक बार फिर बढ़ने लगा है पर वर्ष 2007 में बाढ़ से बेघर हो हुए लोगों के पक्के मकान के सपने लगभग एक वर्ष बाद भी अधिकारियों की जांच व आंकड़ों के मकड़जाल में दम तोड़ रहे हैं। वर्ष 2007 के 2 अगस्त की काली रात बसही में बूढ़ी गंडक नदी का तटबंध टूटने के बाद आई बाढ़ से हाारों गरीबों का आशियाना छिन गया था। चेरियाबरियारपुर, नावकोठी, गढ़पुरा, बखरी व छौड़ाही प्रखंडों के हाारों लोग बाढ़ में बेघर हो गए थे। इन लोगों को अभी छत नसीब भी नहीं हुई थी कि बाढ़ का मौसम आ गया।ड्ढr ड्ढr अफसरशाही के चंगुल में फंसी इस योजना का लाभ मिलना तो दूर कई प्रखंडों में अबतक मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभांवित होने वाले लोगों की सूची भी नहीं बन सकी है। इस योजना के तहत दिए गए हाारों आवेदनों की कई पंचायतों में अबतक जांच ही चल रही है। सर्वाधिक त्रासद स्थिति तो बसही के बेघर हुए लोगों की है जो तटबंध टूटने के बाद आई बाढ़ में तो किसी तरह बच गए लेकिन तब से अबतक मंझौल-रोसड़ा पथ के किनार पॉलिथीन के साए में जीवन गुजार रहे हैं। जांच के बाद लोगों की सूची बनाई गई है। रिकार्ड में मुख्यमंत्री आवास योजना से अबतक 1मकानों का निर्माण नींव स्तर तक, 432 मकान लिंटर स्तर तक और छत स्तर तक 10 मकानों का निर्माण होने की सूचना दी गई है।ड्ढr ड्ढr शिवहर में महंगाई के कारण निर्माण कार्य प्रभावितड्ढr शिवहर (ए.प्र.)। जिले में मुख्यमंत्री आवास योजना की एकदम लचर स्थिति है। इस योजना की उपलब्धि अब तक 20 प्रतिशत तक भी नहीं पहुंच सकी है। जबकि जिले में बरसात का सिलसिला शुरू हो गया है। बरसात में आवागमन बंद होने पर आवास निर्माण की सामग्री की कमी के कारण आवास निर्माण कार्य ठप होना तय है। ऐसे में बरसात तक यहां कुल निर्धारित लक्ष्य में से 25 फीसदी आवासों का निर्माण भी पूरा नहीं हो पायेगा। जिले में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवासों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें शिवहर प्रखंड में 2575, पिपराही में 2021, तरियानी में 10, डुमरी-कटसरी में 17तथा पुरनहिया में 1117 शामिल है। शिवहर प्रखंड में निर्धारित 2575 आवासों के निर्माण के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 2322 आवासों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गयी है। जिसमें से 1861 लाभार्थियों के बैंक खाते में आवास निर्माण के लिए राशि जमा कराया गया है। अब तक 535 आवासों की नींव तक निर्माण हो सका है। जबकि 475 आवासों की छत तक निर्माण कार्य हो सका है। वहीं अब तक मात्र 175 आवासों का निर्माण ही पूर्ण हो सका है। इसी तरह की स्थिति जिले के अन्य प्रखंडों की भी है। डुमरी-कटसरी प्रखंड में तो अभी तक सभी पंचायतों में लाभार्थियों के सूची भी स्वीकृत नहीं हो सकी है। सीवान में बैंक खाते की शोभा बढ़ा रही सरकारी राशिड्ढr राजदेव रांन सीवानड्ढr मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत सरकार से मिले 1 करोड़ लाख रुपए बैंक खाते की शोभा बढ़ा रहे हैं। दूसरी ओर बरसात का मौसम शुरू हो गया है। कैसे अब उनका मकान बनेगा। सीवान आंशिक बाढ़ प्रभावित इलाका है। जिले के दरौली, गुठनी, रघुनाथपुर, सिसवन, लकड़ी नबीगंज आदि प्रखंड बाढ़ प्रभावित हैं। प्रखंड स्तर पर इस कार्य को मूर्त रूप अंचलाधिकारी दे रहे हैं। लेकिन न चिमनी से ईंट मिल रहा है और न मजदूर। ऐसा लगता है कि बरसात के पूर्व मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत एक भी मकान नहीं बन पाएगा। बाढ़-अतिवृष्टि पीड़ितों की सूची जिला प्रशासन ने 6 माह पूर्व ही बना लिया था और सरकार से डेढ़ माह पहले ही राशि भी प्राप्त हो गई। डीएम ने इसकी समीक्षा भी की है। विभागीय सूत्रों के अनुसार आपदा प्रबंधन विभाग के मद में सरकार से 1 करोड़ लाख की राशि प्राप्त हुई। जिले के सभी प्रखंडों से अतिवृष्टि व बाढ़ प्रभावित 780 लोगों को चिह्न्ति किया गया। जिनका घर बाढ़ में दह गया या मूसलाधार बारिश में ध्वस्त हो गया। प्रशासन ने 10दिन पहले सभी लाभान्वितों के नाम से बैंक में खाता खोला गया और 25 हाार रुपए की राशि जमा की गई। लेकिन किसी भी पीड़ित का अभी तक मकान बनना शुरू नहीं हुआ है। अंचलाधिकारी को यह जिम्मा दिया गया है कि राशि निकासी कराकर पीड़ितों का मकान बनवा दें।

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