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एलएसआर में तीन दिवसीय सम्मेलन की शुरुआत

नई दिल्ली । कार्यालय संवाददाता। दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज में बुधवार से तीन दिवसीय सम्मेलन की शुरुआत हुई। इस सम्मेलन में जेंडर नॉलेज: जेंडर अंडरस्टैडिंग जेंडर क्वेश्चन ऑफ जस्टिस एंड फ्रीड़ा विषय पर चर्चा की गई। जेंडर को लेकर की गई बातचीत के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचवि बान की मून का संदेश भी पढ़ा गया। इसमें मून ने कहा कि इस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हम महिलाओं को बराबरी के दर्जे पर लाने र जो दे रहे हैं। इससे पिछडेम् क्षेत्रों में बदलाव लाया जा सके।

महिलाओं के अधिकारों,उन्हें सशक्त करने और स्त्री पुरूषों के बीच बराबरी के लिए काम करे। आज जन्म लेने वाली बच्ची और इस धरती पर जीने वाली हर महिला और लड़की के लिए मेरा संदेश है कि मानवधिकारों और बराबरी का दर्जा पाना कोई सपना नहीं है यह सरकारों सयुंक्त राष्ट्र और हर इंसान का दायित्व है। कमला बेसिन ने अपनी बात को कहते हुए दो पंक्ति कही मैं सरहदपार खड़ी दीवार नहीं,मैं दीवार पर पड़ी दरार हूं। जेएनयू की प्रोफेसर नविेदिता मेनन ने जेंडर को विस्तृत रूप से बताया।

उन्होंने कहा कि अकसर जेंडर सुनते ही लोग उसे महिला का पर्याय समझ लेते है। जेंडर के बारे में सही जानकारी होना बेहद जरूरी है। हरेक व्यक्ति अपने जेंडर को परफॉर्म करता है। साथ ही महिला और पुरूषों समान जेंडर समझना जरूरी है। यह जागरुकता हमें अपने समाज में बढ़ानी चाहिए।

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