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मुख्यमंत्री ने किया जनजातियों का इतिहास का विमोचन

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जनजातियों को प्रहरी बताते हुए कहा कि इनकी विशिष्टताओं को बनाये रखने पर ध्यान देने की आवश्यकता है और इनकी कलाओं की विविधता हमारी अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकती है।

मंगलवार देर शाम वरिष्ठ पत्रकार जयसिंह रावत की पुस्तकों, उत्तराखण्ड की जनजातियों का इतिहास एवं हिमालयी राज्य-संदर्भ कोष का विमोचन करते हुए उन्होंने कहा कि जनजातियां हमारी प्रहरी हैं, बहुमूल्य पहचान हैं और छोटे राज्य में हमारी समझ व्यापक होनी चाहिए।

उन्होंने संस्कृति विभाग से अलग-अलग संस्कृतियों का संग्रहालय बनाने के साथ ही इनकी विशिष्टता बनाये रखने पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि मलारी से जौहार तक हमारी दस्तकारी, हस्तकला, नक्काशी तथा सांस्कृतिक विरासत अपनी विशिष्टता लिये है और हमारी कला की यह विविधता हमारी अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकती है। इसके लिए प्रयास किये जाने होंगे।

पुस्तकों के बारे में जानकारी देते हुए रावत ने बताया कि पुस्तक में जनजातियों के अतीत को सामने रखकर वर्तमान तथा भविष्य के बारे में चिन्तन करने का भी प्रयास किया गया है।

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