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उपेक्षित है मंडल शिविर कारा: चहारदीवारी फांदकर भाग चुके कई कैदी

शिविर मंडल कारा, कैम्प जेल वर्षो से पदाधिकारियों की उपेक्षा का दंश झेलने को मजबूर है। वाचटावर, एम्बुलेंस, चहारदीवारी की कम ऊंचाई के कारण यहां कभी भी कोई घटना घट सकती है। पूर्व में भी चहारदीवारी की कम ऊंचाई का फायदा उठाकर यहां से कई बंदियों का पलायन हो चुका है। बावजूद इसके शासन-प्रशासन की नीद नहीं खुली है। जेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिविर मंडल कारा के बंदियों की क्षमत 550 बतायी गयी है। वत्तर्मान में यहां कई खतरनाक किस्म के अपराधी यहां बंद हैं। बताया जाता है कि यहां अभी भी सेन्ट्रल वाच टावर एवं दक्षिण-पूरब में वाच टावर की जरूरत है। इतना ही नहीं एम्बुलेंस के अभाव में इमरजेंसी मरीज को आटो से इलाज के लिए भेजा जाता है, जो काफी जोखिम भरा कार्य है। जेल सूत्र बताते हैं कि यहां के चहारदीवारी के चारों तरफ गश्ती पथ बनाया गया है। इस कारण चहारदीवारी की ऊंचाई घट कर वत्तर्मान में 13-14 फीट ही रह गया है, जब कि जेल मेनुअल के अनुसार चहारदीवारी की ऊंचाई 18 फीट रहना तय है। चाहरदिवारी की ऊंचाई कम रहने से पदाधिकारियों का ध्यान हमेशा इस ओर लगा रहता है। बताया जाता है कि वर्ष में यहां के चहारदीवारी फांदकर दस बंदियों का पलायन हो चुका है। इसके अलावा भी यहां से एक-दो बार बंदियों का पलायन हो चुका है। इस मामले में जेलर मधुबाला सिन्हा ने बताया कि समस्याओं की जानकारी विभाग को दी जा चुकी है। विभाग से आदेश मिलते ही कार्य प्रारंभ कर दिया जायेगा।

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