DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

'मेरी सफलता ने भारत में काम करने की आशा जतायी'

'मेरी सफलता ने भारत में काम करने की आशा जतायी'

पाकिस्तानी गायक-अभिनेता अली जफर का कहना है कि उनकी पहली हिन्दी फिल्म को बढ़िया प्रतिक्रिया मिलने के बाद पाकिस्तानी कलाकारों को लगने लगा है कि वह भारत में अच्छा नाम कमा सकते हैं।
   
अली ने 2010 में 'तेरे बिन लादेन' फिल्म से हिन्दी सिनेमा में कदम रखा। इस हिट फिल्म के बाद वह 'मेरे ब्रदर की दुल्हन', 'लंदन पैरिस न्यूयॉर्क' और चश्म-ए-बददूर में नजर आए।
   
अली का कहना है कि मुझे लगता है कि मेरी पहली फिल्म हिट होने के बाद पाकिस्तान के लोगों को लगा की भारत में भी नाम कमाया जा सकता है। यह भ्रम है कि पाकिस्तान की सभी महिलाएं हिजाब पहनती हैं और सभी पुरुष दाढ़ी रखते हैं। मैंने हमेशा सोचा की कुछ भी असंभव नहीं है।
   
उन्होंने कहा कि भारत आने पर मेरा खुले दिल से स्वागत हुआ। हिन्दी फिल्मों में मैं जो काम करता हूं उसके लिए बहुत तारीफ भी हुई। अली इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते हैं कि फिल्मी दुनिया में सिर्फ स्टार के बच्चों को ही तवज्जो दी जाती है बाहर वालों को नहीं।
   
उन्होंने यह भी कहा कि बॉलीवुड की फिल्में करते हुए वह अपने कॉन्ट्रैक्ट में स्पष्ट कर देते हैं कि वह पर्दे वह किस सीन नहीं करेंगे। अली की नई फिल्म 'टोटल सियापा' सात मार्च को रिलीज हो रही है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:'मेरी सफलता ने भारत में काम करने की आशा जतायी'