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डीएसइ के आदेश से शिक्षकों में आक्रोश

हजारीबाग प्रतिनिधि। जिले के प्रारंभिक स्कूल के शिक्षकों की उपस्थिति पर पंचायत द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित कराने संबंधित जारी डीएसई के आदेश से शिक्षकों में आक्रोश है। यह मामला अभी थमा भी नहीं था कि डीएसई ने एक और विवादास्पद आदेश जारी कर दिया। कहा गया है कि यदि शिक्षक किराए के मकान में रहते हैं, तो फॉर्म 16 के साथ मकान भाड़ा की पक्का रसीद संलग्न करें। इन दोनों आदेश को कई शिक्षक संघ गलत बता रहे हैं।

प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने पंचायतों को दिए अधिकार को लेकर आदेश पूर्व में जारी किया है। कहा गया है कि प्राथमिक-मध्य विद्यालय के प्रधान शिक्षक-प्रधानाध्यापक ग्राम पंचायत के नियंत्रणाधीनकार्य करेंगे एवं आकस्मिक अवकाश-मुख्यालय छोड़ने के लिए अपनी ग्राम पंचायत के मुखिया से स्वीकृति प्राप्त करेंगे, जबकि डीएसई इस आदेश की सुविधानुसार व्याख्या कर इसे शिक्षकों पर लागू कर रहे हैं। वहीं आयकर अधिनियम के मुताबिक तीन हजार प्रतिमाह तक किराया भत्ता पाने वाले को रसीद जमा करने से मुक्त रखा गया है।

इससे कम मकान किराया भत्ता जिले के अधिकांश शिक्षकों को मिलता है। ऐसे में शिक्षक संघ ने डीएसई की मंशा पर ही सवाल उठा रहे हैं। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार और झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मो अतिकुज्जमा ने इस आदेश को शिक्षकों के विरुद्ध बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।

इस बाबत डीसी को भी ज्ञापन सौंपा गया है। संघ ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को खत्म करने की जगह डीएसई नियम विरुद्ध आदेश जारी कर उलझाने का काम कर रहे हैं।

यदि डीएसई का रवैया यही रहा, तो संघ आंदोलन करने को वविश होगा।

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