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वोट नहीं डाला, तो करेंगे 70 रुपए का नुकसान

रांची। हरींद्र तिवारी। सरकार वोटिंग पर अरबों रुपए खर्च करती है। मतदाता अपने मतों का इस्तेमाल करें, इसके लिए पूरी कवायद करती है। इसकी प्रक्रिया करीब एक साल पहले से शुरू हो जाती है। लेकिन मतदाता वोट नहीं डाल कर अपने अधिकार का उपयोग तो नहीं ही करते, अपने पैसे भी बर्बाद करते हैं। सरकार चुनाव में जो राशि खर्च करती है, वह आम लोगों के किसी न किसी स्रोत से लेकर ही करती है।

झारखंड में लोकसभा चुनाव में प्रति वोटर सरकार का करीब 70 रुपए खर्च हो रहा है। यदि वोटों का प्रतिशत कम हुआ तो प्रति व्यक्ति खर्च और बढ़ जाता है। राज्य की 14 लोकसभा सीट पर करीब 85-90 करोड़ रुपए खर्च होने की संभावना है। 2009 में करीब 50 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। राज्य में लोकसभा चुनाव में इस बार करीब दो करोड़ लोग वोटर लिस्ट में शामिल हैं। दो सितंबर 2013 को वोटरों की संख्या 1 करोड़ 99 लाख 48 हजार 683 थी।

इसके बढ़ कर दो करोड़ के आसपास होने की संभावना है। हर लोकसभा सीट पर औसतन दस उम्मीदवार चुनाव लड़ते हैं। इस बार आयोग ने उम्मीदवारों के अधिकतम खर्च की राशि 70 लाख रुपए निर्धारित की है।

यदि औसतन 35 लाख ही खर्च निर्धारित किया जाए, तो 140 उम्मीदवार के खर्च की राशि करीब 50 करोड़ होती है। चुनाव आयोग का खर्च वोटर कार्ड से लेकर मतदाता सूची तैयार करने, प्रशिक्षण, सुरक्षा बलों की तैनाती और चुनाव डय़ूटी में शामिल लोगों के मानदेय में होता है।

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