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बीईओ सीधे भेज रहे पत्र, चुनाव आयोग हैरान

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो। विधान परिषद चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) सीधे चुनाव आयोग से ही स्थानांतरित शिक्षकों को रिलीव करने की मंजूरी मांग रहे हैं। इसके अलावा आचार संहिता के कारण बीईओ द्वारा रिलीव नहीं करने के कारण शिक्षक भी परेशान हाल आयोग के दरवाजे पर पहुंच रहे हैं। राज्य चुनाव आयोग इससे हैरान है।

आयोग के वरीय अधिकारियों का घंटा दो घंटा समय शिक्षकों को समझाने में ही बीत रहा है। विशेष रूप से महिला शिक्षकों की परेशानी ने आयोग के अधिकारियों के माथे पर पर बल डाल दिया है। महिला शिक्षक चुनाव आयोग से ट्रांसफर की स्वीकृति मांग रही हैं।

सीधे पत्राचार नहीं कर सकते हैआयोग के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि चुनाव आयोग से कनीय अधिकारी सीधे पत्राचार नहीं कर सकते हैं। आयोग जब भी बातचीत या दिशानिर्देश देता है, विभागों के प्रधान सचविों, निदेशकों व जिलाधिकारियों से संपर्क करता है, आवश्यकता पड़ने पर ये अधिकारी ही चुनाव आयोग से निर्देश प्राप्त करते हैं।

लेकिन सीतामढ़ी के बीईओ ने सीधे आयोग को पत्र लिख कर दिशानिर्देश देने का अनुरोध कर दिया तो आयोग हैरान रह गया। आयोग ने सीतामढ़ी के जिलाधिकारी को पत्र लिख कर इस संबंध में जानकारी दी है।

सीतामढ़ी व मधेपुरा की शिक्षिकाएं पहुंची आयोग सीतामढ़ी से वैशाली स्थानांतरित 29 महिला शिक्षक व मधेपुरा से दो महिला शिक्षक आयोग कार्यालय पहुंची। साथ में उनके परिजन भी थे। मधेपुरा के कुमारखंड अंचल की शिक्षिका मेंडे अंजीता प्रकाश व कुसुम कुमारी ने बताया कि पटना ट्रांसफर का पत्र 15 फरवरी को उन्हें मिला था।

जब रिलीव करने का आवेदन दिया गया तो विधान परिषद चुनाव के कारण कोसी क्षेत्र में आचार संहिता लागू होने की बात कहते हुए आवेदन को डीपीओ कार्यालय भेज दिया गया। अब कहा जा रहा है, आचार संहिता के कारण जिला शिक्षा कार्यालय से संबंधित अधिकारी रिलीव करने के लिए सक्षम नहीं हैं। जबकि चुनाव में शिक्षिकाओं की सहभागिता नहीं है।

दूसरी ओर समय पर ट्रांसफर नहीं होता है तो 31 मार्च के बाद नियमानुसार पद समाप्त हो जाएगा। प्रधान सचवि या डीएम से करें संपर्क चुनाव आयोग के आलाधिकारियों का कहना है कि ट्रांसफर को लेकर पूर्व में ही सभी जिला पदाधिकारियों व वरीय अधिकारियों को आयोग द्वारा दिशा निर्देश दिया जा चुका है।

ऐसे में शिक्षिकाओं को संबंधित जिलों के जिलाधिकारी या शिक्षा विभाग के प्रधान सचवि से संपर्क करना चाहिए। इन अधिकारियों को कोई दिशानिर्देश की जरूरत होगी तो आयोग उनका मार्गदर्शन करेगा।

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