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अब हेपेटाइटिस से पीड़ित मरीजों पर संकट

कार्यालय संवाददाता पटना। पीएमसीएच के डॉक्टर हेपेटाइटिस से पीड़ित रोगियों की सर्जरी नहीं कर रहे हैं। पिछले एक महीने में यहां से ऐसे छह मरीजों को बगैर ऑपरेशन के लौटा दिया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि पहले उनका बीमा कराया जाए और ओटी (ऑपरेशन थियेटर) में दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके बाद ही वे ऐसे मरीजों की सर्जरी करेंगे।

हेपेटाइटिस से पीड़ित रोगियों का ऑपरेशन सर्जरी और ऑर्थोपैक्सि विभाग में होता है। लेकिन हाल के दिनों में अस्पताल में इस बीमारी से पीड़ित मरीजों का ओपीडी में इलाज तो हुआ, लेकिन सर्जरी नहीं हो सकी।

फरवरी में मनेर, बेगूसराय और सीतामढ़ी के तीन मरीजों का अस्पताल में ऑपरेशन नहीं हुआ। बाद में इन मरीजों को निजी हॉस्पिटल की शरण लेनी पड़ी। क्यों नहीं कर रहे ऑपरेशनडॉक्टरों ने कहा कि ऐसे ऑपरेशन से पहले ओटी में दवाएं रहनी चाहिए, ताकि पीड़ित व्यक्ति के खून से संक्रमण होने पर तत्काल सेवन किया जा सके।

साथ ही डॉक्टरों का बीमा होना चाहिए। लेकिन अस्पताल प्रशासन ये दोनों सुविधा नहीं दे रहा है। डॉक्टरों ने तर्क दिया कि हेपेटाइटिस पीड़ित व्यक्ति की सर्जरी के दौरान डॉ. एस. गुप्ता को इंफेक्शन हो गया था। अंतत: उनकी मौत हो गई थी। अलग ओटी की व्यवस्था होडॉक्टरों ने कहा कि जिन बीमारियों में संक्रमण का खतरा रहता है, उसके लिए अलग ओटी होनी चाहिए। इस संबंध में कई बार बात उठाई गई, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं की गई। ऐसे रोगियों का ऑपरेशन करते वक्त यदि खून का छींटा भी किसी के शरीर पर पड़ जाए, तो इंफेक्शन की आशंका रहती है।

एक माह में छह डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों को इस कारण हेपेटाइटिस का इंफेक्शन हो गया है। नहीं करेंगे ऑपरेशन तो कार्रवाईअस्पताल में कुछ डाक्टर हैं जो काम नहीं करना चाहते हैं, उन्हें बहाना चाहिए। छह डाक्टर और मेडिकल छात्र हेपेटाइटिस से पीड़ित पाए गए, जिन्हें वैक्सीन लगा दिया गया था। अब कोई खतरा नहीं है। पीएमसीएच के सभी कर्मियों को हेपेटाइटिस का टीका जल्द ही लगाया जाएगा। यदि कोई डॉक्टर हेपेटाइटिस पीड़ित मरीज का ऑपरेशन नहीं करता है, तो कार्रवाई होगी। डॉ. अमरकांत झा, प्राचार्य, पटना मेडिकल कॉलेज।

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