DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बिहार कांग्रेस दिल्ली में, चुनावी तैयारी हवा में

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो। लोकसभा चुनावी समर में अभी कांग्रेस की उपस्थिति नहीं दिख रही है। कशिनगंज में सोनिया गांधी के कार्यक्रम को अगर चुनावी अगाज मान भी लें तो उसके बाद नेता कार्यालय में ही सिमटे दिख रहे हैं। दूसरी पार्टियों के प्रमुखों का दौरा शुरू हो गया है। नरेन्द्र मोदी अक्टूबर से अब तक तीन बार बिहार का दौरा कर चुके हैं।

लेकिन राहुल गांधी का एक बार भी दौरा नहीं हुआ है। प्रदेश कांग्रेस के नेता अभी तक दिल्ली दरबार के आसपास ही मंडरा रहे हैं। किसी संसदीय क्षेत्र में उनकी हलचल नहीं दिख रही है। लोकसभा चुनाव की घोषणा किसी भी दिन हो सकती है, लेकिन कांग्रेस अभी गठबंधन की गुत्थी सुलझाने में ही फंसी हुई है। कभी राजद से बात आगे बढ़ती है, तो कभी जदयू की ओर पार्टी का झुकाव दिखता है। प्रदेश के नेताओं के मत भी इस मसले पर बंटे हुए हैं।

लिहाजा सालभर सभी 40 सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा पार्टी करती रही। कुछ दिन पहले प्रमंडलीय सम्मेलनों के बहाने उम्मीदवारों के चयन का सिलसिला भी शुरू हुआ। जगह-जगह राहुल गांधी की होर्डिंग लगाने के अलावा कांग्रेस का और कोई प्रचार कहीं नहीं दिख रहा है। दूसरी ओर राजद प्रमुख लालू प्रसाद अपने दौरे में उम्मीदवारों के संकेत देने लगे हैं। तालमेल की गेंद को कांग्रेस के पाले में डालकर राजद ने सभी सीटों के लिए कमर कसने का फरमान कार्यकर्ताओं को सुनाया है।

भाजपा और जदयू ने पहले से ही चुनावी अभियान शुरू कर दिया है। जनता दल यू तो इस मामले में सबसे आगे है। पार्टी ने कई कार्यक्रमों के बहाने अपने कार्यकर्ताओं को उत्साहित किया है। जिलों में सीएम नीतीश कुमार का भी कार्यक्रम शुरू हो चुका है। भाजपा के पीएम उम्मीदवार खुद ही दो रैलियों को संबोधित कर चुके हैं। इसी महीने तीन और रैलियों की तैयारी चल रही है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बिहार कांग्रेस दिल्ली में, चुनावी तैयारी हवा में