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बेटे की चाहत में बेटी को बनाया लावारिस

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो। एक ओर बेटियां अंतरिक्ष में जा रही हैं, दूसरी ओर आज भी ऐसे मां-बाप हैं, जिनकी बेटे की चाहत बेटियों पर भारी पड़ रही है। पटना के एक दंपति ने दूसरी बेटी के जन्म लेते ही बच्चा बदले जाने का आरोप लगा दिया और नवजात को अपनाने से इनकार कर दिया।

मां-बाप की लाडली होने की जगह साढ़े चार माह की बच्ची उसी नर्सिग होम में पल रही है, जहां बच्चा बदलने का आरोप लगा। जन्म के साथ कुछ यूं उलझाया मामला सीआईडी के मुताबिक पीरमुहानी कीएक महिला ने पिछले साल 17 अक्टूबर को पश्चिम दरवाजा के पोलो अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया। वहां छह दिन रखने के बाद परिजन बच्ची को दूसरी जगह ले गए। बाद में उसे एक अन्य स्त्री रोग विशेषज्ञ के नर्सिग होम में भर्ती कराया गया।

इसी दौरान माता-पिता ने नर्सिग होम के डॉक्टरों व स्टाफ पर बच्चा बदलने का आरोप लगाया। कदमकुआं थाना में दर्ज एफआईआर में आरोप है कि महिला ने बेटे को जन्म दिया था, पर इलाज के दौरान नर्सिग होम ने बेटे को बदलकर बेटी दे दी। सीआईडी को सौंपी गई जांचमामला उलझा था, इसलिए जांच सीआईडी को सौंपी गई। बच्ची का जन्म पोलो अस्पताल में हुआ। सीआईडी के अनुसार स्वस्थ होने के बावजूद यह बहाना बनाया गया कि बच्ची कमजोर है।

वहां से एक अस्पताल में रखने के बाद दूसरे नर्सिग होम ले जाया गया। सीआईडी के अनुसार वहां ट्रीटमेंट चार्ट पर गर्ल लिखा था, लेकिन पोलो अस्पताल के बर्थ सर्टिफि केट पर ओवरराइटिंग में फीमेल की जगह मेल और बेबी की जगह चाइल्ड लिखा है।

डीएनए जांच से सामने आई हकीकतः मामले की तह तक पहुंचने के लिए सीआईडी ने डीएनए टेस्ट कराने का निर्णय लिया। अदालत के आदेश पर दंपति और नवजात बच्ची के खून के नमूने लिए गए। डीएनए रिपोर्ट में साफ हुआ कि जिस लड़की को बदलने का आरोप लगाया गया, वह उन्हीं की बेटी है।

अब सीआईडी इस बात की तहकीकात कर रही है कि आरोप लगाने के पीछे मकसद क्या है। दोनों की पहले से एक बेटी है। कहीं बेटे की चाहत में उन्होंने ऐसा किया या फिर इसके पीछे उनकी मंशा कुछ और है।

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