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अवैध शराब माफिया भीम सिंह की संपत्ति होगी जब्त

जलालपुर/छपरा। जलालपुर थाना क्षेत्र के बेलकुंडा गांव में मिनी शराब फैक्ट्री के भंडाफोड़ को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है। एसपी सुधीर कुमार सिंह ने कहा है कि इसके संचालक शराब माफिया भीम सिंह की संपत्ति जब्त की जायेगी। अवैध शराब का यह बड़ा करोबार उसी के आलीशान मकान में चल रहा था।

वहां से भारी मात्रा में स्पिरिट, शराब, गांजा व पाउचिंग मशीन बरामद की गई है। शराब माफिया के साथ उसके दस कारोबारी साथियों को दबोचा गया है। इस अवैध कारोबार में प्रयुक्त होने वाले कई वाहन भी जब्त किये गये हैं। यहां से चार ड्रम में भरी 25 सौ लीटर स्पिरिट, आठ ड्रम में भरी बारह सौ लीटर अवैध शराब, एक किलो गांजा, पांच बोरा रैपर, दो पाउचिंग मशीन, दो सौ व चार सौ एमएल की एक बोरा शराब के पाउच बरामद किये गये हैं।

एक ट्रैक्टर, एक स्कार्पियो, एक पिकअप वैन व तीन बाइक जब्त की गई हैं। जिन दस कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें बेलकुंडा गांव के भीम सिंह, जीतेन्द्र सिंह, अनिरुद्ध सिंह, हरेन्द्र शर्मा, कोठेया के निगम सिंह, खरा थाना क्षेत्र के तेजारपुर निवासी दिनेश राय व वीरेन्द्र राय, कोपा थाना क्षेत्र के कोपा सम्हौता के सुड्ड कुमार व प्रभु राय, दरियापुर थानाक्षेत्र के दरिहारा निवासी पंकज सिंह शामिल हैं। थानाध्यक्ष ने इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। स्कार्पियो व बोलेरो से ढोई जाती थी शराबये कारोबारी स्पिरिट मिश्रित शराब तैयार कर उसकी पाउचिंग करते थे।

शराब ढोने के लिए वे स्कार्पियो, बोलेरो, ट्रैक्टर, पिकअप वैन व बाइक का इस्तेमाल करते थे। केवल शराब ही नहीं गांजा का भी यहां से कारोबार होता था। तभी तो पुलिस को अधिकतर स्पिरिट वाहनों से ही मिली। स्कार्पियो से गांजा बरामद किया गया। वहां खड़ी बुलेट, पैशन प्रो व होंडा साइन बाइक की डिक्की से भी पाउच बरामद किये गये। अवैध शराब कारोबार का पुराना अड्डा है बेलकुंडाबेलकुंडा गांव अवैध शराब कारोबार का पुराना अड्डा रहा है। यहां कई बार छापेमारी हुई।

शराब जब्त हुई और एफआईआर भी हुई, लेकिन यह अवैध कारोबार बंद होने के बदले फलता-फूलता गया। पुलिस नकेल कसने का दावा करती रही और कारोबार की रफ्तार बढ़ती गई। भीम सिंह के यहां वर्ष 2008 में पहली छापेमारी हुई और जलालपुर थाना कांड संख्या 34/08 दर्ज हुई। फिर 2009 में छापेमारी हुई और उत्पाद व पुलिस टीम को विरोध का सामना करना पड़ा था। डीएसपी कैलाश प्रसाद व तत्कालीन उत्पाद अधीक्षक के नेतृत्व में की गई इस छापेमारी के दौरान टीम के सदस्यों पर जमकर रोड़ेबाजी हुई थी।

तब जलालपुर थाना कांड संख्या 59/09 के तहत एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस टीम को थी विरोध की आशंकाएसपी ने जब पुलिस अफसरों के यहां छापेमारी करने का टास्क दिया तो उन्हें विरोध होने की भी अशंका थी। तभी तो डीएसपी मनीष कुमार पूरी तैयारी के साथ वहां पहुंचे थे। चार थानों जललापुर, कोपा, खरा व दाउदपुर की पुलिस के अलावा पुलिस लाइन से सौ से अधिक जवानों को बुलाया गया था। महिला पुलिस टीम भी इस ऑपरेशन में लगाई गई थी।

जब छापेमारी हुई तो वहां शराब के पाउच तैयार किये जा रहे थे। विरोध भी हुआ लेकिन भारी पुलिस बल देख कारोबारियों के हौसले पस्त हो गये।

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